ग्लोबल मार्केट्स की तस्वीर अच्छी नहीं दिख रही है। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल है कि अगर ग्लोबल मार्केट्स में दिक्कत बढ़ती है तो क्या घरेलू निवेश इंडियन मार्केट को बचाने में कामयाब रहेगा? लेकिन, रिटेल इनवेस्टर्स को भी जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास दिखाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में कुछ मुनाफावसूली करने का आइडिया खराब नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ चुकी है। इसके अलावा कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ सुस्त पड़ने के संकेत हैं। जेफरीज के क्रिस वुड ने कहा है कि मौका मिलने पर वह अपने 100 डॉलर के एक-तिहाई का निवेश इंडियन मार्केट्स में करेंगे। बाकी पैसा वह कैश में अपने पास बनाए रखेंगे, क्योंकि वैल्यूएशन काफी ज्यादा है।
