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Short Call: क्या हर तेजी पर मुनाफावसूली की स्ट्रेटेजी सही है? जानिए ONGC और Devyani International क्यों सुर्खियों में हैं

ग्लोबल मार्केट्स की तस्वीर अच्छी नहीं दिख रही। जहां तक इंडियन मार्केट्स की बात है तो चिंता की कोई वजह नहीं दिख रही है। लेकिन, ग्लोबल मार्केट्स पर अगर दिक्कत बढ़ती है तो इसका असर इंडियन मार्केट्स पर पड़ना तय है। ऐसे में कुछ निवेशक हर तेजी पर कुछ मुनाफा बुक करने की स्ट्रेटेजी अपना रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 08, 2024 पर 9:55 AM
Short Call: क्या हर तेजी पर मुनाफावसूली की स्ट्रेटेजी सही है? जानिए ONGC और Devyani International क्यों सुर्खियों में हैं
ओएनजीसी के शेयर 7 अगस्त को 7.5 फीसदी के उछाल के साथ 329.10 रुपये पर बंद हुए। अगर मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता है तो इससे ऑयल की कीमतों में तेजी आएगी।

ग्लोबल मार्केट्स की तस्वीर अच्छी नहीं दिख रही है। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल है कि अगर ग्लोबल मार्केट्स में दिक्कत बढ़ती है तो क्या घरेलू निवेश इंडियन मार्केट को बचाने में कामयाब रहेगा? लेकिन, रिटेल इनवेस्टर्स को भी जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास दिखाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में कुछ मुनाफावसूली करने का आइडिया खराब नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ चुकी है। इसके अलावा कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ सुस्त पड़ने के संकेत हैं। जेफरीज के क्रिस वुड ने कहा है कि मौका मिलने पर वह अपने 100 डॉलर के एक-तिहाई का निवेश इंडियन मार्केट्स में करेंगे। बाकी पैसा वह कैश में अपने पास बनाए रखेंगे, क्योंकि वैल्यूएशन काफी ज्यादा है।

इधर, कई रिटेल इनवेस्टर्स अब भी मानते है कि यह गिरावट पर खरीदारी (Sell on rise) वाला बाजार है। लेकिन, कुछ स्मार्ट निवेशक हर उछाल पर मुनाफावसूली (Profit booking) की स्ट्रेटेजी अपना रहे हैं। यह भी माना जा रहा है कि अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) इंटरेस्ट रेट में कमी करता है तो इसका आईटी स्टॉक्स (IT Stocks) पर अच्छा असर पड़ेगा। इससे आईटी स्टॉक्स की रीरेटिंग हो सकती है। कई निवेशकों ने अमेरिकी में जल्द इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद में आईटी शेयरों में निवेश बढ़ाना शुरू कर दिया है।

ONGC

ओएनजीसी के शेयर 7 अगस्त को 7.5 फीसदी के उछाल के साथ 329.10 रुपये पर बंद हुए। अगर मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता है तो इससे ऑयल की कीमतों में तेजी आएगी। इससे रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ेगा। जेफरीज का मानना है कि ONGC की वैल्यूएशन अच्छी है। बेयर्स की दलील है कि तीसरी तिमाही में केजी बेसिन में उत्पादन बढ़ाने के प्लान के बावजूद नजरें एग्जिक्यूशन पर होंगी। इसकी वजह यह है कि एग्जिक्यूशन का कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड कमजोर रहा है।

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