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Short Call: घटते बैंक डिपॉजिट ने बढ़ाया सरकार और RBI का सिरदर्द, जानिए Balrampur Chini और टीटागढ़ रेल क्यों सुर्खियों में हैं

बैंक डिपॉजिट की ग्रोथ क्रेडिट ग्रोथ से कम रहने पर बैंकों के लिए लिक्विडिटी की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए सरकार और आरबीआई इस मसले के समाधान की कोशिश कर रहे हैं। RBI ने बैंकों को डिपॉजिट बढ़ाने के लिए नए तरीके तलाशने को कहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 21, 2024 पर 10:09 AM
Short Call: घटते बैंक डिपॉजिट ने बढ़ाया सरकार और RBI का सिरदर्द, जानिए Balrampur Chini और टीटागढ़ रेल क्यों सुर्खियों में हैं
बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 20 अगस्त को 7.4 फीसदी के उछाल के साथ 571.15 रुपये पर बंद हुए।

बैंक डिपॉजिट की सुस्त ग्रोथ ने आरबीआई और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है। हाल में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों के चेयरमैन के साथ एक बैठक की। इसमें डिपॉजिट बढ़ाने सहित दूसरे मसलों पर चर्चा हुई। उधर, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों को क्रेडिट और डिपॉजिट के बढ़ते फर्क पर नजर रखनी चाहिए ताकि लिक्विडिटी की कमी न हो। कई लोग पिछले एक साल में स्टॉक मार्केट में आई तेजी का कारण बैंकों के डिपॉजिट में कमी को मानते हैं। सवाल है कि कोई निवेशक बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7 फीसदी रिटर्न में दिलचस्पी दिखाएगा या 26 फीसदी रिटर्न वाले इंडेक्स फंड में निवेश करना पसंद करेगा? क्या बैंकों में डिपॉजिट में आ रही कमी का संबंध वास्तव में शेयर बाजार या म्यूचुअर फंडों में बढ़ते निवेश से हैं?

बढ़ती वैल्यूएशन को लेकर चिंता

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के डी मजुमदार के मुताबिक, दोनों के बीच संबंध हो सकता है। म्यूचुअल फंडों (Mutual Funds) के एयूएम और बैंक डिपॉजिट (Bank deposits) का रेशियो लंबी अवधि के औसत रेशियो से काफी ज्यादा है। इससे सेविंग्स को लेकर परिवारों की सोच में बदलाव का पता चलता है। सवाल है कि क्या शेयरों और म्यूचुअल फंडों में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहेगी? वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर चिंता बढ़ रही है। कंपनियों की अर्निंग्स की ग्रोथ सुस्त पड़ रह है। ऐसे में संस्थागत निवेशक मार्केट से अपना पैसा निकाल सकते हैं या कम से कम नए निवेश घटा सकते हैं। ऐसे में हो सकता है कि फिक्सड डिपॉजिट पर 7 फीसदी रिटर्न का अट्रैक्शन फिर से बढ़ जाए।

Balrampur Chini Mills

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