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घर से भटक कर 1200km दूर चला गया बुजुर्ग, युवक ने AI पर लगाई ऐसी तरकीब और ढूंढ निकाला सही पता

अमृतसर में एक बुजुर्ग अपनी ही तीर्थयात्रा के दौरान रास्ता भटककर सीधे 1200 किलोमीटर दूर बिहार के गया जा पहुंचे थे। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले चमन लाल लंबे समय से भूलने की समस्या से जूझ रहे हैं। पंजाब सरकार की तीर्थयात्रा योजना के तहत अमृतसर गए थे लेकिन वहां से वे न जाने कैसे ट्रेन पकड़कर गया पहुंच गए

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Sep 20, 2026 पर 9:23 PM
घर से भटक कर 1200km दूर चला गया बुजुर्ग,  युवक ने AI पर लगाई ऐसी तरकीब और ढूंढ निकाला सही पता
अमृतसर में एक बुजुर्ग अपनी ही तीर्थयात्रा के दौरान रास्ता भटककर सीधे 1200 किलोमीटर दूर बिहार के गया जा पहुंचे थे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई , अब लोगों की जिंदगी में एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है। AI ने इंसानी जिंदगी को आसान बनाने के साथ-साथ लोगों का बचाने का भी काम कर रही है। बिहार से एक ऐसी ही खबर आई है कि, जहां AI की मदद से एक खोए बुजुर्ग को खोज निकाला गया। बिहार के गया में नीरज को एक बुजुर्ग मिले, जो अपने घर से बहुत दूर थे और सिर्फ अपने गांव का नाम बता पा रहे थे। नीरज ने उन्हें अपने घर में रखा, उनके परिवार को खोजा और आखिरकार 1,200 किलोमीटर से ज्यादा दूर पंजाब में उन्हें उनके परिवार से मिला दिया।

अमृतसर में एक बुजुर्ग अपनी ही तीर्थयात्रा के दौरान रास्ता भटककर सीधे 1200 किलोमीटर दूर बिहार के गया जा पहुंचे थे। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले चमन लाल लंबे समय से भूलने की समस्या से जूझ रहे हैं। पंजाब सरकार की तीर्थयात्रा योजना के तहत अमृतसर गए थे लेकिन वहां से वे न जाने कैसे ट्रेन पकड़कर गया पहुंच गए। इसके बाद वह बिहार जाने वाली ट्रेन में बैठ गए और अपने घर से 1,200 किलोमीटर से ज्यादा दूर बिहार के गया पहुंच गए।

घर से 1200 किमी दूर पहुंचे चमन लाल

चार दिनों तक चमन लाल पंजाब से सैकड़ों किलोमीटर दूर एक ऐसे परिवार के साथ रहे, जिसे वह पहले कभी नहीं जानते थे। इस दौरान एक अजनबी व्यक्ति उनके घर और पहचान के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहा था। बुजुर्ग चमन लाल के पास बताने के लिए ज्यादा जानकारी नहीं थी। वह सिर्फ पंजाबी बोलते थे और उन्हें अपने गांव का नाम फतेहगढ़ गुजरान ही याद था।

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