Get App

ChatGPT से लेकर फेक Insta अकाउंट तक... पुलिस के 5053 पेज की चार्जशीट से खुले केतन हत्याकांड के कई अनसुलझे राज

पुलिस की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि केतन अग्रवाल की हत्या के लिए तीनों आरोपियों ने महीनों तक बाकायदा रिसर्च और प्लानिंग की थी। चार्जशीट के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश कई चरणों में बनी

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Sep 20, 2026 पर 6:17 PM
ChatGPT से लेकर फेक Insta अकाउंट तक... पुलिस के 5053 पेज की चार्जशीट से खुले केतन हत्याकांड के कई अनसुलझे राज
केतन अग्रवाल की हत्या के लिए तीनों आरोपियों ने महीनों तक बाकायदा रिसर्च और प्लानिंग की थी

पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में 18 जून को युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। केतन की हत्या के आरोप में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और उनके साथी रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। वहीं अब पुणे पुलिस ने इस हत्याकांड का पूरा ब्यौरा अदालत में दिया है। पुणे की अदालत में 5,053 पेज की चार्जशीट में पुलिस ने 26 साल के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश का पूरा ब्यौरा दिया है। पुलिस के मुताबिक, केतन की 18 जून को लोहागढ़ किले से धक्का दिए जाने के बाद मौत हो गई थी। चार्जशीट में पुलिस ने इस मामले से जुड़ी घटनाओं और कथित साजिश की जानकारी दी है।

बता दें, केतन अग्रवाल की मौत के बाद पुलिस ने उसकी मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। केतन और सिया दोनों पुणे के रहने वाले थे। दोनों की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में जयपुर में एक बड़े समारोह में उनकी शादी होने वाली थी।

मारने के लिए किया रिसर्च

पुलिस की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि केतन अग्रवाल की हत्या के लिए तीनों आरोपियों ने महीनों तक बाकायदा रिसर्च और प्लानिंग की थी। चार्जशीट के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश कई चरणों में बनी। शुरुआत में आरोपियों के बीच उसे गंभीर रूप से घायल करने की बात हुई। इसके बाद उन्होंने हमला करने के लिए महाराष्ट्र के बाहर से किसी व्यक्ति को बुलाने पर भी विचार किया। लेकिन, बाद में आरोपियों ने कथित तौर पर यह काम खुद करने का फैसला किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बाहरी व्यक्ति को प्लान में शामिल करने का विचार इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि वह राज खोल सकता है। बाद में वह व्यक्ति इस मामले में गवाह बन गया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें