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Short Call: अक्टूबर में क्या मार्केट में तेजी का रुख जारी रहेगा, Trent और Crompton Greaves Consumer क्यों सुर्खियों में हैं?

स्टॉक मार्केट के लिए सितंबर अच्छा रहा। अब नजरें अक्टूबर पर हैं। हालांकि, आम तौर पर अक्टूबर का महीना स्टॉक मार्केट के लिए अच्छा होता है, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है। दूसरी तिमाही के कंपनियों के नतीजों का सीजन शुरू होने जा रहा है। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर मार्केट की करीबी नजरें होंगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 27, 2024 पर 10:50 AM
Short Call: अक्टूबर में क्या मार्केट में तेजी का रुख जारी रहेगा, Trent और Crompton Greaves Consumer क्यों सुर्खियों में हैं?
ट्रेंट के शेयरों में 26 सितंबर को 3 फीसदी उछाल आया। स्टॉक 7,840 रुपये पर बंद हुआ। तेजी की वजह यह है कि Citi ने इस स्टॉक को कवर करना शुरू किया है।

अक्टूबर सीरीज की शुरुआत हो चुकी है। पिछली चार सीरीज में निफ्टी पॉजिटिव में रहा है। सवाल है कि क्या यह ट्रेंड जारी रहेगा? अगर पिछले 10 सालों में इंडियन मार्केट्स के ट्रेंड्स को देखें तो जुलाई और अक्टूबर निफ्टी के लिए बेस्ट महीने रहे हैं। इस दौरान सिर्फ एक बार निफ्टी की क्लोजिंग जुलाई में लाल निशान में हुई है और दो बार यह अक्टूबर में गिरकर बंद हुआ है। आम तौर पर सितंबर को सबसे खराब महीना माना जाता है। लेकिन, यह सच नहीं है। सबसे खराब महीना जनवरी है। निफ्टी 10 में से 7 बार जनवरी में गिरकर बंद हुआ है।

तो क्या हमें अक्टूबर में मार्केट में तेजी जारी रहने की उम्मीद करनी चाहिए? इसका जवाब है नहीं। दरअसल, पिछले ट्रेंड के आधार पर अनुमान लगाना ठीक है, लेकिन इस पर पूरी तरह से निर्भर होना ठीक नहीं है। एक्सपर्ट्स लगातार निफ्टी 50 (Nifty50) की हाई वैल्यूएशन की चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, अगर स्मॉलकैप (Smallcap) और मिडकैप (Midcap) इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी 50 की वैल्यूएशन अपेक्षाकृत कम है। इधर, दूसरी तिमाही के कंपनियों के नतीजों का सीजन शुरू होने जा रहा है। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर मार्केट की करीबी निगाहें होंगी।

Trent

ट्रेंट के शेयरों में 26 सितंबर को 3 फीसदी उछाल आया। स्टॉक 7,840 रुपये पर बंद हुआ। तेजी की वजह यह है कि Citi ने इस स्टॉक को कवर करना शुरू किया है। उसने इस स्टॉक को खरीदने की सलाह दी है। इसका टारगेट प्राइस 9,250 रुपये बताया है। इसका मतलब है कि Trent के स्टॉक्स में 20 फीसदी तेजी आ सकती है। ट्रेंट जूडियो के स्टोर की संख्या बढ़ा रही है। वेस्टसाइड में प्रति वर्ग फीट रेवेन्यू बढ़ रहा है। मिसबू और समोह जैसे नए फॉरमैट सफल दिख रहे हैं। इससे आगे कंपनी के प्रॉफिट में इजाफा हो सकता है। उधर, बेयर्स का कहना है कि रॉ मैटेरियल की कॉस्ट बढ़ी है। इसके अलावा अगर नए फैशन ट्रेंड के साथ तालमेल में कमी आती है तो इसका असर कंपनी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

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