Shriram Finance Banking License: श्रीराम फाइनेंस क्या बैंक लाइसेंस के लिए अप्लाई करेगी? जानिए MUFG डील के बाद मैनेजमेंट ने क्या कहा

Shriram Finance Banking License: जापान के मित्सीबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (MUFG) ने श्रीराम फाइनेंस में 20 फीसदी हिस्सेदारी 39,600 करोड़ रुपये में हासिल की है। इसे किसी इंडियन एनबीएफसी में बड़े विदेशी निवेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह कयास लगाया जा रहा था कि एनबीएफसी की नजरें बैंक लाइसेंस हासिल करने पर हो सकती है

अपडेटेड Dec 22, 2025 पर 5:07 PM
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श्रीराम फाइनेंस देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी में से एक है।

श्रीराम फाइनेंस के मैनेजमेंट ने 22 दिसंबर को साफ कर दिया कि उसका फिलहाल बैंक लाइसेंस के लिए अप्लाई करने का कोई प्लान नहीं है। एनबीएफसी ने जापान के मित्सीबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप के 20 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के बाद यह कहा है। एमयूएफजी ने यह हिस्सेदारी 39,600 करोड़  रुपये में हासिल की।

उदय कोटक ने पूछा था यह सवाल

इससे कुछ दिन पहले कोटक महिंद्रा ग्रुप के फाउंडर उदय कोटक ने पूछा था कि क्या विदशी कंपनी के हिस्सेदारी खरीदने के बाद एनबीएफसी बैंक लाइसेंस के लिए अप्लाई करेगी। Shriram Finance के MUFG के साथ डील के ऐलान के बाद उदय कोटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया था।


श्रीराम फाइनेंस के पास बैंक बनने की संभावना

उन्होंने लिखा था, "मित्सिबिशी की तरफ से श्रीराम फाइनेंस में बड़ा विदेशी निवेश देखकर खुशी हुई।" उन्होंने एमयूएफजी को प्रतिष्ठित ग्लोबल बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बताया था। कोटक ने कहा था, "क्या श्रीराम फाइनेंस एक एनबीएफसी बनी रहेगी, जिसके पास रेगुलेटरी बाधाओं के बिना बैंकिंग कंपनी बनने की बड़ी संभावना है या आगे वह बैंक के लिए अप्लाई कर सकता है?"

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंक लाइसेंस के बारे में कंपनी ने स्थिति साफ की

22 दिसंबर को श्रीराम फाइनेंस-एमयूएफजी पार्टनरशिप पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रीराम फाइनेंस के एग्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन उमेश रेवनकर ने कहा कि कंपनी के बैंक बनने को लेकर फिलहाल मैनेजमेंट का किसी तरह का प्लान नहीं है। उन्होंने कहा, "बैंकिंग लाइसेंस लेने के बारे में अभी किसी तरह की बातचीत नहीं चल रही है। हम जहां हैं वहीं बने रहना चाहते हैं।"

एनबीएफसी क्षेत्र में संभावनाओं की कमी नहीं

उन्होंन कहा कि चूंकि इंडिया तेजी से ग्रोथ कर रहा है, जिससे हमारे लिए रिटेल लेंडिंग के क्षेत्र में काफी मौके हैं। अब तक हमने जो बनाया है, उसका विस्तार करने की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि एमयूएफजी के हिस्सेदारी हासिल करने के बाद बिजनेस को जिस तरह से मैनेज किया जा रहा है, उसमें स्ट्रक्चरल बदलाव की कोई संभावना नहीं है।

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फिलहाल एनबीएफसी बने रहना फायदेमंद

रेवनकर का मानना है कि एनबीएफसी बने रहने से श्रीराम फाइनेंस के पास पर्याप्त स्कोप और अपॉर्चुनिटी उपलब्ध है। एनबीएफसी की ग्रोथ जारी रहेगी। उन्होंने कहा, "एनबीएफसी बने रहने से आपके पास कस्टमाइजेशन का मौका होता है। जब तक मुमकिन हो हमारे लिए इस खास स्ट्रक्चर में बने रहना बेहतर है।"

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