Silver ETFs: चांदी रिकॉर्ड हाई पर, क्या अब भी है निवेश का मौका? एक्सपर्ट ने सुझाई खास स्ट्रैटेजी

Silver ETFs: चांदी में निवेश का एक तरीका ईटीएफ है। फिलहाल सिल्वर ईटीएफ उछलकर नई ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में निवेशकों को यह उलझन है कि क्या इस हाई लेवल पर सिल्वर ईटीएफ में निवेश करना सही रहेगा या अभी थोड़ी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए? जानिए इसे लेकर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है और जानिए कि चांदी में तेज उछाल की वजह क्या है?

अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 1:21 PM
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Silver ETFs: चांदी की तेजी ने इसे ट्रैक करने वाले ईटीएफ को भी ऊंचाईयों पर पहुंचा दिया।

Silver ETFs: सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की तेजी आज भी जारी रही और उछलकर यह नई ऊंचाई पर पहुंच गया। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों ने अमेरिका और ईयू के बीच तनाव बढ़ाया है जिसने चांदी की चमक बढ़ाई है और यह नए हाई पर पहुंच गया। मार्च की एक्सपायरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स करीब 3% उछलकर प्रति किग्रा ₹3,18,729 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। मई और जुलाई की एक्सपायरी वाले फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स भी 3% से अधिक उछलकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। मई की एक्सपायरी वाला फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट ₹3,28,854 तो जुलाई की एक्सपायरी वाला कॉन्ट्रैक्ट प्रति किग्रा ₹3,35,885 के हाई पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर भी $94.72 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया।

क्यों बढ़ रही चांदी की चमक?

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर नया टैरिफ लगाया तो हाल ही में जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गया। ट्रंप ने 1 फरवरी से यूरोपीय देशों से आयात पर 10% टैरिफ लगाया है जोकि 1 जून से बढ़कर 25% हो जाएगा। ट्रंप के मुताबिक यह टैरिफ तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड के अधिग्रहण के लिए कोई समझौता नहीं हो जाता। सोमवार को ट्रंप ने सैन्य बल के संभावित इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया। यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप की मांगों को खारिज कर दिया है, जबकि कुछ देशों ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम की चेतावनी भी दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में केसीएम ट्रेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट Tim Waterer ने कहा कि ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और उनकी ब्याज दरों को कम देखने की इच्छा सोने-चांदी के लिए सपोर्टिव हैं और ऐसा इनकी कीमतों में उछाल से दिख भी रहा है।


Silver ETFs का क्या है हाल?

चांदी की तेजी ने इसे ट्रैक करने वाले ईटीएफ को भी ऊंचाईयों पर पहुंचा दिया। ग्रो सिल्वर ईटीएफ 7% से अधिक उछलकर एक साल के हाई ₹308.37 पर पहुंच गया। टाटा सिल्वर ईटीएफ, मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ईटीएफ, आदित्य बिड़ला सिल्वर ईटीएफ, एडलवाइज सिल्वर ईटीएफ और मिरे सिल्वर ईटीएफ भी करीब 5% उछलकर अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। यूटीआई सिल्वर ईटीएफ, डीएसपी सिल्वर ईटीएफ, एक्सिस सिल्वर ईटीएफ, एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ,जीरोधा सिल्वर ईटीएफ और कोटक सिल्वर ईटीएफ भी 4% से अधिक उछले तो आईसीआईसीआई प्रू सिल्वर ईटीएफ, निप्पन सिल्वर ईटीएफ (सिल्वरबीज) और एसबीआई सिल्वर ईटीएफ भी करीब 4% उछल गए।

मौजूदा लेवल पर क्या सिल्वर ईटीएफ में लगाने चाहिए पैसे?

नए निवेश को लेकर वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि इस समय अहम रिस्क वैल्यूएशन और मार्केट सेंटिमेंट से जुड़ा है। उनका कहना है कि गोल्ड की तुलना में चांदी अधिक वोलेटाइल है और ट्रेडर्स की दिलचस्पी फीकी होने पर इसमें जितनी तेज उछाल दिखी थी, उतनी ही तेज गिरावट आ सकती है। उनका मानना है कि अभी निवेश से नए निवेशकों को नियर टर्म में घाटा झेलना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने सुझाव दिया है कि अगर अभी निवेश करना चाहते हैं तो डॉलर कॉस्ट एवरेजिंग स्ट्रैटेजीज बेहतर तरीका है जिसमें थोड़ा-थोड़ा करके कई बार में निवेश किया जाता है तो एंट्री प्राइस औसत हो सकती है। वहीं मौजूदा निवेशकों को उन्होंने सलाह दी है कि अगर शॉर्ट टर्म के लिए पैसा लगाया था तो कुछ न कुछ मुनाफा तो निकाल ही लेना चाहिए।

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