स्काई गोल्ड (एसजीएल) जैसी गोल्ड ज्वैलरी कंपनियों के लिए समय बेहतर दिख रहा है। इस वित्त वर्ष में इन कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ 15-20 फीसदी रह सकती है। एसजीएल अपनी क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसने नया प्लांट लगाने के लिए प्लॉट खरीदा है। कंपनी अभी ग्रोथ और इनवेस्टमेंट के फेज में है। यह अभी ऑपरेटिंग कैश फ्लो जेनरेट नहीं कर रही है। इसका कैश फ्लो फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से पॉजिटिव हो जाने की उम्मीद है। नए प्लांट के शुरू हो जाने पर कंपनी का पूंजीगत खर्च घट जाएगा। साथ ही वर्किंग कैपिटल की जरूरत घटेगी, जिससे कैश फ्लो में इम्प्रूवमेंट देखने को मिलेगा।
दिसंबर 2024 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था स्टॉक
Sky Gold (SGL) का स्टॉक दिसंबर 2024 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। तब से यह करीब 35 फीसदी टूटा है। अमेरिका में टैरिफ को लेकर दुनिया में अनिश्चितता का माहौल बना है। इससे गोल्ड की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। बीते तीन महीनों में इंडिया में गोल्ड की कीमतें 15 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 85,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई हैं। गोल्ड में तेजी का कुछ असर गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड पर दिखा था। लेकिन, अब यह असर खत्म हो गया है।
डायमंड सहित नए सेगमेंट में उतरने का प्लान
गोल्ड ज्वैलरी खरीदने के पीछे निवेश का भी मकसद होता है। गोल्ड ज्वैलरी की 35-40 फीसदी डिमांड पुराने गोल्ड के एक्सचेंज से आ रही है। ऐसे में गोल्ड ज्वैलरी की मांग अच्छी रहने की उम्मीद है। इसका फायदा गोल्ड ज्वैलरी कंपनियों को मिलेगा। गोल्ड ज्वैलरी की कुल बिक्री में बड़ी गोल्ड कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। SGL नए सेगमेंट में उतर रही है। डायमंड इसका उदाहरण है। एसजीएल प्राकृतिक और आर्टिफिशियल दोनों तरह के हीरे बेचेगी। कंपनी ने 18 कैरेट की गोल्ड ज्वैलरी बनाने का भी प्लान बनाया है।
तनिष्क और रिलायंस जेवेल्स जैसी कंपनियों से पार्टनरशिप
स्काई गोल्ड उन गोल्ड ज्वैलरी कंपनियों से पार्टनरशिप करना चाहती है, जिनका रिटेल नेटवर्क पूरे देश में है। Tanishq और Reliance Jewels इसके उदाहरण हैं। इससे एसजीएल के बिजनेस में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरत कम करने के उपायों पर भी अमल कर रही है। ज्यादातर नए ऑर्डर्स इस एग्रीमेंट के तहत हो सकते है, जिसमें क्लाइंट्स सीदे रॉ मैटेरियल (गोल्ड) खरीदेंगे और इसे एसजीएल को देंगे। इससे एसजीएल को रॉ मैटेरियल की इनवेंट्री रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी अपना 30 फीसदी रेवेन्यू इस रास्ते से हासिल करना चाहती है।
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क्या आपको स्टॉक में निवेश करना चाहिए?
एसजीएल की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ने से रेवेन्यू ग्रोथ बढ़ेगी। इसका पॉजिटिव असर मार्जिन पर भी पड़ेगा। अभी SGL के शेयरों में FY26 की अनुमानित अर्निंग्स के 31 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। 27 मार्च को कंपनी का स्टॉक दोपहर में 1.44 फीसदी चढ़कर 320.95 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह स्टॉक 235 फीसदी चढ़ा है। बेहतर अर्निंग्स ग्रोथ की संभावना को देखते हुए एसजीएल के शेयरों में निवेश बढ़ाया जा सकता है।