सेबी ने हाल में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड दो एसएमई कंपनियों के बारे में ऑर्डर जारी किए हैं। पहला ऑर्डर वराया क्रिएशंस (वीसीएल) से जुड़ा है। दूसरा ऑर्डर साइनोपटिक्स टेक्नोलॉजीजी से जुड़ा है। ये दोनों ऑर्डर्स मुख्य रूप से आईपीओ के पैसे के दुरूपयोग से जुड़े हैं। सेबी ने इन कंपनियों के आईपीओ से जुटाए गए फंड के इस्तेमाल की जांच की। इसमें कई हैरान करने वाली बातें देखने को मिलीं। सवाल है कि क्या एसएमई कंपनियां आईपीओ से जुटाए गए पैसे का सही इस्तेमाल कर रही हैं? क्या एसएमई कंपनियों के आईपीओ में मर्चेंट बैंकर की भूमिका पारदर्शी है?
