SML का भी आएगा IPO! अगले 2 से 3 साल में लिस्ट होने पर कर रही विचार

SML उन चुनिंदा भारतीय कंपनियों में शामिल है, जो नई केमिकल एंटिटीज के विकास पर काम कर रही हैं। कंपनी के पास करीब 450-470 करोड़ रुपये की नकदी है और कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त स्थिति में है। कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है

अपडेटेड Sep 13, 2026 पर 12:54 PM
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SML के मैनेजिंग डायरेक्टर बिमल शाह ने कहा कि लिस्टिंग को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

एग्री इनपुट्स बनाने वाली SML Ltd अगले 2 से 3 साल में शेयर बाजार में लिस्ट होने पर विचार कर रही है। कंपनी का उद्देश्य नई केमिकल एंटिटीज (NCE) के विकास के लिए आवश्यक पूंजी जुटाना है। कंपनी का पुराना नाम सल्फर इंडिया लिमिटेड था। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक इंटरव्यू में SML के मैनेजिंग डायरेक्टर बिमल शाह ने कहा कि लिस्टिंग को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अभी इसका आकलन किया जा रहा है। कंपनी को अगले एक-दो साल में इस दिशा में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

SML उन चुनिंदा भारतीय कंपनियों में शामिल है, जो नई केमिकल एंटिटीज के विकास पर काम कर रही हैं। शाह ने कहा कि कंपनी पिछले करीब 3 वर्षों से NCEs पर काम कर रही है और यह उसके कारोबार का एक महत्वपूर्ण फोकस एरिया बन चुका है। कंपनी का एक नया मॉलिक्यूल जल्द आने वाला है। हालांकि, ऐसे उत्पादों के विकास में बड़े निवेश की जरूरत होती है। SML का अनुमान है कि एक NCE को बाजार में लाने में करीब 7-8 करोड़ डॉलर तक खर्च हो सकते हैं। अभी तक कंपनी ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट वर्क का खर्च खुद उठाया है।

SML के पास करीब 450-470 करोड़ रुपये की नकदी


SML के पास करीब 450-470 करोड़ रुपये की नकदी है और कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त स्थिति में है। मैनेजमेंट इस रकम का इस्तेमाल भविष्य में अधिग्रहण, रेगुलेटरी एसेट्स या रणनीतिक साझेदारियों के साथ NCE प्रोग्राम में कर सकता है। शाह ने कहा कि कंपनी ने सालों से अपने बही-खाते को मजबूत रखा है और जमा पूंजी का इस्तेमाल सही अवसर मिलने पर किया जाएगा।

कंपनी अपने पारंपरिक सल्फर फर्टिलाइजर कारोबार से आगे बढ़ते हुए फसल पोषण, फसल संरक्षण और जैविक उत्पादों पर भी ध्यान दे रही है। शाह के अनुसार, अगले 3 सालों में इन 3 क्षेत्रों में से फसल पोषण (Crop Nutrition) भारत में और वैश्विक स्तर पर कंपनी का सबसे तेजी से बढ़ने वाला कारोबार हो सकता है। कंपनी भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी संतुलित और पोषक तत्वों के अधिक प्रभावी इस्तेमाल वाले उत्पादों को बढ़ावा दे रही है।

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कंपनी ने घटाया रेवेन्यू टारगेट

SML ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना रेवेन्यू टारगेट घटाकर करीब 1,600 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके पीछे कमजोर मानसून, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव के कारण परिवहन में आ रही बाधाएं हैं। इससे पहले कंपनी ने 1,800 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा था। हालांकि, नया रेवेन्यू टारगेट पिछले वित्त वर्ष के करीब 1,200-1,300 करोड़ रुपये के कारोबार से अधिक है। कंपनी ने अपने उत्पादों की कीमतों में करीब 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिससे रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है।

कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में इससे करीब 600-700 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था। इस वित्त वर्ष कंपनी को अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 700-800 करोड़ रुपये और अगले 2 वर्षों में करीब 1,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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