SML Mahindra Share Price: SML महिंद्रा के शेयरों में बुधवार, 29 जुलाई को 20% का अपर सर्किट लगा। इसकी वजह महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) का बड़ा फैसला रहा। कंपनी ने अपने ट्रक एंड बस डिवीजन (MTBD) को 525 करोड़ रुपये में SML महिंद्रा को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। इससे पूरे ग्रुप का कमर्शियल व्हीकल कारोबार एक ही कंपनी के तहत आ जाएगा। कंपनी का स्टॉक 20% उछाल के साथ 4,566 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक करीब 48% चढ़ा है।
ट्रक और बसों का प्रोडक्शन नहीं रुकेगा
महिंद्रा एंड महिंद्रा के बोर्ड ने इस डील को मंजूरी दे दी है। अब दोनों कंपनियां 7 अगस्त 2026 तक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) पर हस्ताक्षर करेंगी। इसके बाद सभी जरूरी मंजूरियां मिलने पर यह सौदा 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने की योजना है।
इस डील के बाद भी महिंद्रा ब्रांड के ट्रक और बसों का निर्माण M&M ही करेगा। दोनों कंपनियों के बीच कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग एग्रीमेंट होगा। यानी ग्राहकों को सप्लाई और प्रोडक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस डील को स्लंप सेल के जरिए किया जाएगा। इसका मतलब है कि पूरा बिजनेस एक साथ ट्रांसफर होगा। इसमें एसेट, देनदारियां, कर्मचारी, लाइसेंस और दूसरे अधिकार शामिल होंगे। हर चीज की अलग-अलग कीमत तय नहीं होगी। पूरी डील एक तय रकम पर होगी।
इस ट्रांजैक्शन में MTBD के कर्मचारी, एसेट्स, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, लाइसेंस, परमिट, कॉन्ट्रैक्ट, इंश्योरेंस पॉलिसी, अधिकार और देनदारियां SML महिंद्रा को ट्रांसफर होंगी। 525 करोड़ रुपये की डील वैल्यू में वर्किंग कैपिटल के आधार पर बाद में जरूरी बदलाव भी हो सकते हैं।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अगस्त 2025 में सुमितोमो कॉर्पोरेशन और इसुजु मोटर्स से SML इसुजु में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके बाद कंपनी का नाम बदलकर SML महिंद्रा कर दिया गया।
वित्त वर्ष 2025-26 में महिंद्रा के ट्रक एंड बस डिवीजन का रेवेन्यू 2,989 करोड़ रुपये रहा। यह M&M की कुल ऑपरेटिंग आय का करीब 2% था। 31 मार्च 2026 तक इस कारोबार की वैल्यू करीब 481 करोड़ रुपये थी।
कमर्शियल व्हीकल बिजनेस होगा मजबूत
इस डील के बाद कंपनी के पास लाइट, इंटरमीडिएट और हेवी ट्रक के साथ 3.5 टन से ज्यादा क्षमता वाली बसों का पूरा पोर्टफोलियो होगा।
SML महिंद्रा हर साल 24,000 चेसिस और 12,000 बसें बना सकती है। वहीं, पुणे के पास M&M के चाकण प्लांट की सालाना क्षमता 35,000 से 40,000 ट्रक और बसें बनाने की है। फिलहाल इस क्षमता का करीब 50% ही इस्तेमाल हो रहा है।
महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश शाह ने कहा कि इस फैसले से ट्रक और बस का पूरा कारोबार एक ही कंपनी के तहत आ जाएगा। इससे बिजनेस चलाना आसान होगा और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में कंपनी की पकड़ मजबूत होगी।
वहीं, SML महिंद्रा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन विनोद सहाय ने कहा कि यह कंपनी के लिए बड़ा बदलाव है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, कामकाज ज्यादा बेहतर होगा और लंबे समय में शेयरधारकों के साथ ग्राहकों को भी फायदा मिलेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।