Daily Voice : अमेरिका के मिड टर्म चुनावों के बाद बाजार में आएगी तेजी, इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग शेयरों में बनेगा पैसा

Daily Voice: ओमनीसाइंस कैपिटल के अश्विनी शमी इंफ्रास्ट्रक्चर फोकस्ड इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर पॉजिटिव नजरिया रखते हैं। इसमें पावर, लॉजिस्टिक्स,मशीनरी और EPC सेगमेंट शामिल हैं

अपडेटेड Oct 02, 2026 पर 1:30 PM
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Daily Voice : अश्विनी शमी को उम्मीद है कि RBI अपनी अगली MPC मीटिंग में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेगा

Daily Voice: ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर अश्विनी शमी को उम्मीद है कि US के मिड टर्म चुनावों के बाद जियोपॉलिटिकल हालात बेहतर होंगे। इससे कच्चे तेल की कीमतों में कमी आएगी,महंगाई के अनुमानों में गिरावट होगी,US ट्रेजरी यील्ड में नरमी आएगी, कंपनियों की मार्जिन बेहतर होगी और भारतीय इक्विटी में फंड विदेशी पैसा आना शुरू होगा। इन सबसे मार्केट को सपोर्ट मिल सकता है।

उनका मानना ​​है कि जब मार्केट FY28 की अर्निंग और रेवेन्यू ग्रोथ पर ध्यान देना शुरू करेगा तो मौजूदा लेवल से बाजार में तेजी आने की संभावना है। उनको उम्मीद है कि RBI अपनी अगली MPC मीटिंग में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेगा। वे इसे ब्याज दरें बढ़ाने के दौर की शुरुआत के तौर पर नहीं,बल्कि महंगाई के कुछ समय के दबाव को संभालने और US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के बीच रुपये को सहारा देने के लिए मॉनेटरी कदम के तौर पर देखते हैं।

क्या आपको उम्मीद है कि Q2 के नतीजे कोई पॉजिटिव सरप्राइज लेकर आएंगे?


दूसरी तिमाही के ज्यादातर हिस्से में महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रही है,इसलिए इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ने और Q2 की अर्निंग पर असर पड़ने की आशंका है। सर्विस सेक्टर,खासकर फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर के अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है,क्योंकि पिछले 2-3 क्वार्टर में क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रही है।

क्या हालिया गिरावट के बाद लार्ज-कैप शेयरों के भाव अच्छे हो गए हैं?

लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी को लेकर निकट भविष्य की कमजोरी या अनिश्चितता पर बहुत ज़्यादा फोकस किया गया है। FII की बिकवाली के दबाव के साथ मिलकर लार्ज-कैप कंपनियों का वैल्यूएशन मल्टीपल आकर्षक स्तर पर आ गया है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल,कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव,करेंसी में दबाव से इनपुट कॉस्ट का बढ़ना और सप्लाई चेन में रुकावट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन अगर आप मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के बाद डबल-डिजिट ग्रोथ की संभावना को ध्यान में रखें,तो 19.1 के P/E और 2.87 के P/B पर निफ्टी 100 निश्चित रूप से अच्छे भाव पर है।

इन चुनौतियों के बावजूद,हमने पिछली तिमाही में रेवेन्यू और अर्निंग्स में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी है। संभावना है कि US के मध्यावधि चुनावों के बाद ये हालात सामान्य हो सकते हैं।

क्या नए नियमों की वजह से हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद आपने इंश्योरेंस सेक्टर में अपना निवेश बढ़ाया है,या आप अभी भी इस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं?

पारंपरिक इंश्योरेंस कंपनियां अभी भी ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं और उन पर डिजिटल इंटरमीडियरीज जैसा असर नहीं पड़ा है। इनमें काफी गिरावट आई है। बाजार ने पारंपरिक इंश्योरेंस कंपनियों के लिए वॉल्यूम ग्रोथ और क्लाइंट हासिल करने की बढ़ती लागत से जुड़ी चुनौतियों को अभी पूरी तरह से नहीं समझा है।

डिजिटल इंटरमीडियरीज की बात करें तो इनकी कीमतों में काफी करेक्शन हुआ है,लेकिन इनमें निवेश से पहले कारोबार पर नए नियमों से पड़ने वाले असर को पूरी तरह से समझना जरूरी है।

क्या आपको बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन के बढ़ने और री-रेटिंग की उम्मीद है? क्या बैंकों के भाव आकर्षक हो गया है?

पब्लिक बैंक इंडेक्स 7.1 के P/E पर और प्राइवेट बैंक इंडेक्स 16.5 के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं। ये दोनों इंडेक्स लार्ज-कैप इंडेक्स की तुलना में भी ज़्यादा आकर्षक कीमत पर हैं। हमें उम्मीद है कि आगे चलकर नेट इंटरेस्ट मार्जिन स्थिर हो जाएंगे।

पहले,क्रेडिट ग्रोथ के मुकाबले डिपॉज़िट ग्रोथ के पीछे रहने को लेकर चिंता थी,जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव पड़ा। अभी चिंता FCNR डिपॉज़िट के रूप में आने वाले बड़े फंड को लेकर है,जिसे इस्तेमाल में लाने में समय लगेगा। हालांकि,आने वाली तिमाहियों में इन फंड्स के इस्तेमाल होने की उम्मीद है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन में स्थिरता आएगी।

क्या आपको मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स में वैल्यूएशन से जुड़े जोखिम दिख रहे हैं?

इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस्ड बड़े इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पॉजिटिव नजरिया है। इसमें पावर,लॉजिस्टिक्स,मशीनरी और EPC सेगमेंट शामिल हैं। दूसरी ओर निवेशकों को कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के वैल्यूएशन लेवल को लेकर सतर्क रहना चाहिए क्योंकि इनमें ग्रोथ की उम्मीदें पहले ही पूरी तरह से कीमत में शामिल हो चुकी हैं।

 

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