Adani Bribery Case: सोलर एनर्जी ने मामले की जांच से किया इनकार, कहा-उसे नियमों के उल्लंघन की जानकारी नहीं

सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन (एसईसीआई) ने कहा है कि गौतम अदाणी पर अमेरिकी कोर्ट में लगाए गए आरोपों से जुड़ा उसे कोई डॉक्युमेंट नहीं मिला है। कंपनी के चेयरमैन आरपी गुप्ता ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए कंपनी के पास कोई आधार नहीं है

अपडेटेड Nov 21, 2024 पर 4:41 PM
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सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) एक सरकारी कंपनी है। इसे नवरतन का दर्जा हासिल है।

सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन (एसईसीआई) ने गौतम अदाणी मामले में अपनी सफाई पेश की है। उसने मामले से खुद को अलग रखने की कोशिश की है। उसने कहा है कि गौतम अदाणी पर अमेरिकी कोर्ट में लगाए गए आरोपों से जुड़ा उसे कोई डॉक्युमेंट नहीं मिला है। उसने यह भी कहा है कि उसे कंपनी के किसी नियम के तोड़े जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। न्यूज एजेंसी रायटर्स ने एसईसीआई के चेयरमैन एवं एमडी आरपी गुप्ता के हवाले से यह खबर दी है। एक अमेरिकी कोर्ट में अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी सहित कुछ एग्जिक्यूटिव्स पर घूस देने के मामले में आरोप तय हुए हैं।

मामले की जांच के लिए आधार नहीं

गुप्ता ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए कंपनी के पास कोई आधार नहीं है। अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने भी इस बारे में बयान जारी किया है। इसमें गौतम अदाणी पर डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की तरफ से लगाए गए आरोपों का खंडन किया गया है। यह खबर 21 नवंबर को तड़के आई। अमेरिका में सरकारी वकीलों ने गौतम अदाणी (Gautam Adani) और उनके भतीजे सागर अदाणी सहित कुछ एग्जिक्यूटिव्स पर घूस देने के आरोप लगाए है। वकीलों ने कहा है कि सोलर एनर्जी के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने के लिए सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन के अफसरों को 2020 से 2024 के बीच 25 करोड़ डॉलर की घूस दी गई।


SECI पर रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी

सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) एक सरकारी कंपनी है। इसे नवरतन का दर्जा हासिल है। यह देश में रिन्यूएबल एनर्जी की की क्षमता और इस्तेमाल बढ़ाने का काम करती है। अमेरिका में गौतम अदाणी और दूसरे एग्जिक्यूटिव्स पर लगाए गए आरोपों में कहा गया है कि SECI ने 2020 में ग्रीन एनर्जी की सप्लाई के लिए एक एनर्जी उत्पादक कंपनी से पावर पर्चेज एग्रीमेंट किया था। यह एग्रीमेंट निश्चित रेट पर हुआ था। आरोप है कि गौतम अदाणी और कुछ दूसरे एग्जिक्यूटिव्स ने स्टेट डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी को एसईसीआई के साथ कॉन्ट्रैक्ट करने के लिए सरकारी अफसरों को घूस ऑफर किया था। इसका मकसद अदाणी की पावर कंपनी के लिए बिनजेस हासिल करना था।

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अमेरिका में वकीलों ने लगाए आरोप

इस एग्रीमेंट में एनर्जी का प्राइस काफी ज्यादा रखा गया। इससे एसईसीआई के लिए पावर का खरीदार पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद गौतम अदाणी और दूसरे एग्जिक्यूटिव्स ने एक स्कीम तैयार की। इसमें सरकारी अफसरों को स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को SECI से पावर खरीदने के लिए तैयार करने पर घूस ऑफर किया गया। इसके बाद अदाणी ग्रीन की सब्सिडियरी कंपनियों और अमेरिकी कंपनी Azure Power ने SECI से पावर पर्चेज एग्रीमेंट किए।

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