डिफेंस कंपनी का ऑर्डर बुक ₹20,180 करोड़ पहुंचा, मुनाफा 79% बढ़ा, ब्रोकरेज ने कहा- शेयर में आ सकती है तेजी
डिफेंस और एक्सप्लोसिव्स कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज (Solar Industries) ने Q2 FY27 में हर सेगमेंट में तेज ग्रोथ दिखाई। डिफेंस रेवेन्यू 98% उछला और EBITDA मार्जिन 28.6% पर पहुंचा। जानिए Nuvama ने टारगेट क्यों बढ़ाया और अगले 12 से 24 महीने किन बातों पर रहेगी नजर
डिफेंस और एक्सप्लोसिव्स कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज ने Q2 FY27 में हर सेगमेंट में तेज ग्रोथ दिखाई।
Solar Industries Share: डिफेंस और एक्सप्लोसिव्स कारोबार वाली सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया (Solar Industries India) ने सितंबर तिमाही (Q2 FY27) में ऐसे नतीजे दिए हैं, जिनसे ब्रोकरेज का भरोसा और पक्का हुआ है। कंपनी का एडजस्टेड मुनाफा सालाना आधार पर 78.9% बढ़कर ₹617 करोड़ पर पहुंच गया और हाथ में ₹20,180 करोड़ का ऑर्डर बुक है। इन नतीजों के बाद Nuvama इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹23,435 से बढ़ाकर ₹23,800 कर दिया है। शेयर अभी ₹18,969 पर है।
Nuvama ने टारगेट बढ़ाकर ₹23,800 किया
Nuvama ने सोलर इंडस्ट्रीज को BUY रेटिंग दी है और सेक्टर के मुकाबले इसे Outperformer माना है। रिपोर्ट में शेयर का 12 महीने का टारगेट ₹23,800 है, यानी मौजूदा भाव से लगभग 25% की संभावित बढ़त। Nuvama के भरोसे की सबसे बड़ी वजह ग्रोथ की साफ दिखती राह है। कंपनी का ऑर्डर बुक FY26 की बिक्री का 2 गुना है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29E के बीच कंपनी का EPS 37% की CAGR से बढ़ेगा और RoE 30% से ऊपर रहेगा। इस अनुमान में ओमनिया के मार्जिन सुधार से होने वाला फायदा शामिल नहीं है। ओमनिया का ऑपरेटिंग मार्जिन अभी करीब 12% है और इसमें सुधार से EPS अनुमान और ऊपर जा सकता है। Nuvama ने ये भी कहा है कि सोलर इंडस्ट्रीज की ग्रोथ और RoE उन इंडस्ट्रियल शेयरों से ज्यादा है, जो इससे महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं।
मानसून वाली कमजोर तिमाही में भी दमदार प्रदर्शन
दूसरी तिमाही आमतौर पर मानसून की वजह से इस कारोबार के लिए कमजोर मानी जाती है। इसके बावजूद कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 69% बढ़कर ₹3,518.9 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹2,082.2 करोड़ था। पहली छमाही (H1 FY27) का रेवेन्यू 69.6% बढ़कर ₹7,190 करोड़ पर पहुंच गया।
EBITDA 81.9% बढ़कर ₹1,005.8 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹552.8 करोड़ था। ग्रॉस मार्जिन लगभग स्थिर रहा, Q2 FY26 के 52.6% के मुकाबले इस बार 52.4%। ऑपरेटिंग लेवरेज के दम पर EBITDA मार्जिन 210 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 28.6% हो गया, जबकि बाजार 27% की उम्मीद लगाए बैठा था।
एडजस्टेड मुनाफा ₹345 करोड़ से बढ़कर ₹617 करोड़ पर आ गया। ये बाजार के अनुमान (कंसेंसस) से 14% ज्यादा है। PAT मार्जिन 90 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 17.5% रहा और प्रति शेयर कमाई (EPS) ₹38.1 से बढ़कर ₹68.2 पर पहुंची।
तिमाही दर तिमाही आंकड़ों में हल्की नरमी दिखी। Q1 FY27 के ₹3,668.2 करोड़ के मुकाबले रेवेन्यू 4.1% कम रहा। EBITDA ₹1,015.2 करोड़ से 0.9% घटा, मुनाफा ₹652.6 करोड़ से 5.4% नीचे रहा और EPS ₹72.1 से घटकर ₹68.2 पर आया।
डिफेंस में 98% की छलांग
इस तिमाही की सबसे बड़ी कहानी डिफेंस कारोबार की है। डिफेंस रेवेन्यू तिमाही में ₹1,000 करोड़ के पार गया और सालाना आधार पर 98% बढ़ा। इसके दम पर पहली छमाही का डिफेंस रेवेन्यू 109% बढ़कर ₹1,940 करोड़ हो गया।
इंटरनेशनल कारोबार ने भी तेज रफ्तार दिखाई। इंटरनेशनल रेवेन्यू 57% उछलकर ₹1,520 करोड़ पर पहुंचा। देश के अंदर एक्सप्लोसिव्स की बिक्री 61% बढ़कर ₹960 करोड़ रही। इस बार मानसून औसत से कमजोर रहा, फिर भी माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से आई अच्छी मांग ने इस सेगमेंट को सहारा दिया।
₹20,180 करोड़ का ऑर्डर बुक
सितंबर तिमाही के आखिर में कंपनी का कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹20,180 करोड़ का रहा। जून 2026 में ये ₹21,350 करोड़ था। इस ऑर्डर बुक में ₹17,570 करोड़ के ऑर्डर अकेले डिफेंस के हैं। डिफेंस ऑर्डर्स की एक और खास बात है। इनमें से ज्यादातर ऑर्डर इंटरनेशनल बाजारों से आए हैं। यानी कंपनी की आगे की कमाई का बड़ा हिस्सा विदेशी डिफेंस मांग से जुड़ा है।
FY27 गाइडेंस से आगे निकलने का भरोसा
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि कंपनी FY27 के लिए दिए गए गाइडेंस से आगे निकलेगी। गाइडेंस ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू और ₹4,500 करोड़ के डिफेंस रेवेन्यू का है। EBITDA मार्जिन औसतन करीब 29% रहने की उम्मीद है और रिपोर्ट के मुताबिक FY27 में ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 28 से 29% रह सकता है।
इतने भरोसे के बावजूद मैनेजमेंट ने गाइडेंस में कोई बदलाव नहीं किया। इसकी वजह जियोपॉलिटिकल हालात और कमोडिटी से जुड़ी अनिश्चितता बताई गई है। करीब ₹3,000 करोड़ के जिस पिनाका ऑर्डर का गाइडेंस दिया गया था, उस पर बातचीत आखिरी दौर में है और ये FY27 खत्म होने से पहले फाइनल हो सकता है। भार्गवास्त्र के फील्ड ट्रायल कैलेंडर ईयर 2026 में होने हैं।
अगले 12 से 24 महीने इन बातों पर रहेगी नजर
Nuvama ने आगे के लिए कुछ अहम बातें गिनाई हैं, जो शेयर की दिशा तय करेंगी। सबसे पहले करीब ₹3,000 करोड़ के पिनाका ऑर्डर का पक्का होना। इसके बाद भार्गवास्त्र और 155mm शेल्स की कमर्शियल बिक्री शुरू होना और नए मिसाइल प्रोग्राम्स में कंपनी की हिस्सेदारी।
ओमनिया अधिग्रहण भी बड़ा फैक्टर है, जिसके लिए अभी मंजूरियां बाकी हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक इस डील का समय पर पूरा होना और ओमनिया का कारोबार ठीक से कंपनी में जुड़ना बहुत जरूरी है। ओमनिया के करीब 12% के मार्जिन में कोई भी सुधार EPS को और ऊपर ले जा सकता है।
शेयर का हाल और होल्डिंग पैटर्न
सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर अभी ₹18,969 पर है। रिपोर्ट के मुताबिक इसका 52 हफ्ते का हाई ₹22,700 और लो ₹11,646 है। कंपनी का मार्केट कैप ₹1,71,351 करोड़ है। फ्री फ्लोट 26% के आसपास है और शेयर में रोजाना औसतन ₹385.93 करोड़ का कारोबार होता है।
शेयरहोल्डिंग में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी मार्च, जून और सितंबर 2026, तीनों तिमाहियों में 73.15% पर स्थिर रही। विदेशी निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी मार्च के 6.81% से घटकर जून में 6.64% और सितंबर में 6.39% रह गई। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने हिस्सेदारी 12.9% से बढ़ाकर 13.36% और फिर 13.55% की। प्रमोटर्स के गिरवी रखे शेयर यानी प्लेज इसी दौरान 1.76% से बढ़कर 2.27% और फिर 2.95% पर पहुंच गए।
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