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Sona BLW Family Feud: परिवार के मालिकाना हक वाला बिजनेस नहीं है सोना कॉमस्टार, रानी कपूर का नहीं है कोई भी रोल

बयान में कहा गया है कि सोना कॉमस्टार को एक प्रोफेशनल मैनेजमेंट और एक स्वतंत्र बोर्ड चलाता है। Sona BLW Precision Forgings के शेयरहोल्डर्स ने हाल ही में संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने को मंजूरी दी है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 28, 2025 पर 11:29 PM
Sona BLW Family Feud: परिवार के मालिकाना हक वाला बिजनेस नहीं है सोना कॉमस्टार, रानी कपूर का नहीं है कोई भी रोल
सोना कॉमस्टार के 4 लाख से ज्यादा पब्लिक शेयरहोल्डर हैं।

सोना BLW प्रिसिजन फोर्जिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन संजय कपूर 12 जून 2025 को इस दुनिया को अलविदा कह गए। लंदन में पोलो खेलते समय उनका निधन हो गया। अब उनके पीछे उनकी कंपनी के कंट्रोल और इसमें हिस्सेदारी को लेकर पारिवारिक विवाद खड़ा हो गया है। संजय कपूर अपने पीछे 30,000 करोड़ रुपये का एंपायर छोड़ गए हैं। सोना BLW प्रिसिजन फोर्जिंग्स को Sona Comstar के नाम से भी जाना जाता है। कंपनी अपनी तरह से स्थिति को जितना हो सके साफ करने की कोशिश कर रही है, अफवाहों को लगातार क्लियर कर रही है। इसी कवायद के तहत सोना कॉमस्टार ने पहले 25 जुलाई को एक बयान जारी किया था और अब 28 जुलाई को एक और बयान जारी किया।

कहा है कि संजय कपूर की मां और कंपनी के फाउंडर सुरिंदर कपूर की पत्नी रानी कपूर की सोना कॉमस्टार में डायरेक्टली या इनडायरेक्टली कोई भूमिका नहीं है, कम से कम 2019 से तो नहीं। वह न तो कंपनी की शेयरहोल्डर हैं, न ही डायरेक्टर हैं और न ही कोई अधिकारी हैं। इसलिए, कंपनी से जुड़े किसी भी मामले में उनका कोई अधिकार नहीं है।

रानी कपूर के दावों को बताया बेबुनियाद

सोना समूह की पूर्व चेयरपर्सन रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर परिवार संजय की मौत पर शोक मना रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग कंट्रोल हासिल करने और पारिवारिक विरासत हड़पने की कोशिश में हैं। रानी कपूर ने दावा किया कि भावनात्मक तनाव के दौरान उनसे जबरदस्ती डॉक्युमेंट साइन कराए गए और उन्हें उनके वित्तीय खातों की एक्सेस नहीं दी। लेकिन सोना कॉमस्टार ने बयान में कहा है कि संजय कपूर के निधन के बाद रानी कपूर से किसी भी डॉक्युमेंट पर साइन नहीं लिए गए हैं। उनका यह कहना कि कंपनी के मामलों के लिए उनकी रजामंदी जरूरी है, यह भी पूरी तरह से बे​बुनियाद और कानूनी रूप से अस्वीकार्य है।

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