SECL IPO: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स का ड्राफ्ट जमा, पेरेंट कोल इंडिया बेचेगी 66.81 करोड़ शेयर

SECL IPO में केवल ऑफर फॉर सेल होगा। इसमें पेरेंट कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी। यह संभावित लिस्टिंग, कोल इंडिया की अपनी कुछ सब्सिडियरी कंपनियों को पब्लिक बनाने की कोशिशों का हिस्सा है

अपडेटेड Nov 02, 2026 पर 12:35 PM
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IPO से होने वाली कमाई में से SECL को कुछ नहीं मिलेगा।

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। SECL सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि इस IPO के जरिए 80 करोड़ डॉलर तक की रकम जुटाई जा सकती है।

इस पब्लिक इश्यू में लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। कंपनी के कर्मचारियों के लिए 5 प्रतिशत हिस्सा और कोल इंडिया के पात्र शेयरधारकों के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा। IPO के लिए SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज लिमिटेड, IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड 'बुक-रनिंग लीड मैनेजर' हैं।

IPO में केवल ऑफर फॉर सेल होगा। इसमें पेरेंट कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी। नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। ​इसलिए IPO से होने वाली कमाई में से SECL को कुछ नहीं मिलेगा। प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, कोल इंडिया 66.81 करोड़ तक शेयर बेचने की योजना बना रही है।


FY26 में रेवेन्यू 330 अरब रुपये

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, 'साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स' कोल इंडिया की सबसे बड़ी सब्सिडियरी कंपनियों में से एक है। यह मध्य भारत में 60 कोयला खदानें चलाती है। इनमें से 35 खदानें छत्तीसगढ़ में और 25 मध्य प्रदेश में हैं। प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 330 अरब रुपये रहा, जबकि नेट इनकम 47.55 अरब रुपये दर्ज की गई।

IPO की तैयारी में ट्रांसलाइन टेक्नोलॉजीज, AMC और सब्सक्रिप्शन से कमाई बढ़ाने की कोशिश

यह संभावित लिस्टिंग, कोल इंडिया की अपनी कुछ सब्सिडियरी कंपनियों को पब्लिक बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। एक अन्य यूनिट महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ने सितंबर 2026 में रेगुलेटर के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। दिसंबर 2025 में, कोयला मंत्रालय के निर्देश के बाद कोल इंडिया के बोर्ड ने SECL और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड को पब्लिक करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए, इनकी प्रस्तावित लिस्टिंग को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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