चीन के सस्ते स्टील ने इंडियन कंपनियों की बढ़ाई मुश्किल, अच्छी डिमांड के बावजूद स्टील कंपनियां चिंतित

चीन सालाना 1 अरब टन से ज्यादा स्टील का उत्पादन करता है। चीन की इकोनॉमी की खराब हालत के चलते वहां स्टील की डिमांड काफी कम हो गई है। ऐसे में चीन ने स्टील का एक्सपोर्ट बढ़ाया है। इसका असर इंडिया सहित दुनियाभर में स्टील की कीमतों पर पड़ा है। चीन के सस्ते स्टील की वजह से स्टील की कीमतों में गिरावट आई है

अपडेटेड Sep 24, 2024 पर 6:02 PM
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दूसरी तिमाही में इंडिया में स्टील की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।

दुनिया में मेटल के उत्पादन में चीन की स्थिति काफी मजबूत है। खासकर स्टील और एल्युमीनियम के उत्पादन में वह दूसरे देशों से आगे है। दुनिया में क्रूड स्टील के उत्पादन में चीन की 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। चीन सालाना 1 अरब टन से ज्यादा स्टील का उत्पादन करता है। चीन में औद्योगिकरण की तेज रफ्तार, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और हाउसिंग सेक्टर में तेजी की वजह से स्टील की काफी मांग रही है। लेकिन, पिछले कुछ समय से चीन की इकोनॉमी में सुस्ती की वजह से इसकी मेटल इंडस्ट्री मुश्किल का सामना कर रही है।

चीन की इकोनॉमी मुश्किल में

चीन में ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट सेक्टर में स्टील की काफी खपत होती थी। दोनों ही सेक्टर मुश्किल का सामना कर रहे हैं। पिछले कई महीनों से दोनों सेक्टर में गतिविधियां काफी घटी हैं। अब रिकवरी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इकोनॉमी को सहारा देने के लिए चीन ने कई कदम उठाए हैं। उसने रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो (RRR) में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कमी की है। उसने फंडों और ब्रोकरेज फर्मों को स्टॉक खरीदने के लिए PBoC की मदद लेने की इजाजत दे दी है। चीन सरकार के कदमों से ऐसा लगता है कि वह इकोनॉमी को संकट से निकालने के लिए हर मुमकिन कोशिश करना चाहती है।


चीन में मांग घटने से स्टील की कीमतें गिरीं

चीन में हॉट-रोल्ड कॉयल (HRC) की कीमतें इस साल जनवरी में 565 डॉलर प्रति टन थी। यह घटकर 441 डॉलर प्रति टन पर आ गई है। रेबार (Rebar) की कीमत 102 डॉलर प्रति टन गिरकर 473 डॉलर प्रति टन पर आ गई है। इससे स्टील इंडस्ट्री के प्राइस ट्रेंड का संकेत मिलता है। चीन में स्टील की खपत घटने से वहां स्टील की सप्लाई बढ़ गई है। इससे स्टील के एक्सपोर्ट पर चीन का फोकस बढ़ा है। इस साल अब तक चीन ने स्टील का 20 फीसदी ज्यादा एक्सपोर्ट किया है।

चीन के सस्ते स्टील का असर इंडिया में भी कीमतों पर

मेटल की कीमतों में गिरावट के साथ रॉ मैटेरियल की कीमतों में भी नरमी है। तिमाही दर तिमाही आधार पर कुकिंग कोल की कीमतें 30 डॉलर गिरकर 180 डॉलर प्रति टन पर आ गई हैं। चीन में मेटल खासकर स्टील की कीमतों में गिरावट का असर इंडिया पर पड़ रहा है। दूसरी तिमाही में इंडिया में स्टील की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। हॉट रोल्ड कॉयल की कीमत में 2,700 रुपये प्रति टन की कमी आई है। रेबार की कीमत प्रति टन 5,000 रुपये तक घटी है। एनएमडीसी ने आयरन ओर की कीमतों में भी कमी का ऐलान किया है।

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अच्छी डिमांड के बावजूद कीमतें गिरने से कंपनियां चिंतित

डिमांड के मामले में इंडिया में स्थिति अच्छी है। आर्थिक गतिविधियां बढ़ने, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में तेजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से इंडिया में स्टील की अच्छी खपत है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भी रफ्तार पकड़ती दिख रही है। लेकिन, मजबूत डिमांड के बावजूद इंडिया में स्टील बनाने वाली चिंतित हैं। इसकी वजह यह है कि इंडिया में चीन से सस्ता स्टील आ रहा है। ग्राहक सस्ते स्टील की खरीदारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसका असर स्टील की घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।

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