Stock Crash: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS के शेयरों में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। शेयर दिन के कारोबार में 9% तक टूट गया। आखिर में यह 8.28% की गिरावट के साथ 2,244.40 रुपये पर बंद हुआ। यह मार्च 2020 के कोरोना संकट के बाद TCS के शेयर में सबसे बड़ी एकदिन की गिरावट है। कोविड क्रैश में TCS की सबसे बड़ी एकदिन गिरावट 23 मार्च 2020 को दर्ज हुई थी। उस दिन TCS का शेयर लगभग 12.7% टूट गया था
80,000 करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैप हुआ साफ
शेयर में बड़ी गिरावट से TCS के मार्केट कैप को भी जोरदार झटका लगा है। इसके मार्केट कैप से करीब 80,000 करोड़ रुपये साफ हो गए।
अगर साल 2026 की बात करें, तो अब तक कंपनी के मार्केट कैप में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आ चुकी है। साल की शुरुआत में TCS का मार्केट कैप करीब 11.6 लाख करोड़ रुपये था।
निवेशकों की नजर 2,210 रुपये के स्तर पर
अब बाजार की नजर 2,210 रुपये के स्तर पर है। एनालिस्टों का मानना है कि यह शेयर के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल है। अगर TCS का शेयर इस स्तर से नीचे जाता है, तो कंपनी का मार्केट कैप 8 लाख करोड़ रुपये से नीचे फिसल सकता है।
गिरावट के बीच बढ़ा कारोबार
शेयर में गिरावट के साथ-साथ कारोबार भी काफी बढ़ गया। दोपहर 12:30 बजे तक TCS के 1.1 करोड़ से ज्यादा शेयरों में ट्रेडिंग हो चुकी थी। यह पिछले 20 कारोबारी दिनों के औसत दैनिक वॉल्यूम 28.1 लाख शेयरों से करीब चार गुना ज्यादा है। इससे पता चलता है कि शेयर में खरीद-बिक्री दोनों तरफ निवेशकों की गतिविधि काफी तेज रही।
पिछले तीन महीनों में केवल चार ऐसे मौके आए थे, जब एक दिन में TCS के 1 करोड़ से ज्यादा शेयरों में कारोबार हुआ था।
क्या अब ओसरसोल्ड हो चुका है TCS?
टेक्निकल इंडिकेटर के मुताबिक, TCS का शेयर अब उस स्तर के करीब पहुंच रहा है, जहां ओवरसोल्ड मान लिया जाता है। डेली चार्ट पर कंपनी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 39 पर आ गया है। आमतौर पर RSI 30 से नीचे जाने पर शेयर को ओवरसोल्ड माना जाता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर में तुरंत तेजी लौट आएगी।
इस साल 30% से ज्यादा टूटा शेयर
TCS का शेयर साल 2026 में अब तक 30.6% गिर चुका है। वहीं सिर्फ पिछले एक महीने में इसमें करीब 10% की गिरावट आई है। हालांकि इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद TCS अभी भी मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी बनी हुई है। क्योंकि ऐसी गिरावट इंफोसिस, विप्रो और बाकी आईटी कंपनियों में भी दिख रही है। खासकर, AI टूल्स के बढ़ने ट्रेंड को देखते हुए।
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