आज 14 करोड़ इनवेस्टर्स के सामने तीन बड़े सवाल-खरीदें, बेचें या होल्ड करें? तीनों सवाल का है सिर्फ एक जवाब

निफ्टी सितंबर 2024 के अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 15 फीसदी गिरा है। मिडकैप-समॉलकैप सूचकांकों में 20-25 फीसदी गिरावट आई है। यह गिरावट खासकर लॉर्जकैप स्टॉक्स की गिरावट ज्यादा नहीं है, लेकिन इसने उन निवेशकों को बेचैन कर दिया है, जिनकी एंट्री मार्केट में कोविड की शुरुआत के बाद हुई है

अपडेटेड Mar 17, 2025 पर 10:08 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
2019 में डीमैट अकाउंट की संख्या करीब 4 करोड़ थी। यह दिसंबर 2024 में बढ़कर 18.5 करोड़ से ज्यादा हो गई।

इंडियन स्टॉक मार्केट्स के प्रमुख सूचकांक सितंबर 2024 के अपने ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। निफ्टी 50 करीब 15 फीसदी गिरा है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक 20-25 फीसदी फिसले हैं। यह करेक्शन उन इनवेस्टर्स के लिए नया है, जिनकी मार्केट में एंट्री कोविड की शुरुआत के बाद हुई है। इन निवेशकों ने तब मार्केट में एंट्री की थी, जब कोविड के बाद इंडिया सहित दुनियाभर के मार्केट्स में जबर्दस्त तेजी दिखी थी।

कोविड के दौरान 14.5 करोड़ नए इनवेस्टर्स की एंट्री

2019 में डीमैट अकाउंट की संख्या करीब 4 करोड़ थी। यह दिसंबर 2024 में बढ़कर 18.5 करोड़ से ज्यादा हो गई। करीब 14.5 करोड़ नए निवेशकों को सितंबर 2024 से जारी गिरावट ने हिला कर रख दिया है। उन्होंने ऐसी गिरावट नहीं देखी थी। इन निवेशकों को यह समझ नहीं आ रहा कि उन्हें क्या करना चाहिए। क्या गिरावट पर स्टॉक्स खरीदने चाहिए, तेजी पर बेचना चाहिए या अपना पैसा स्टॉक्स में बनाए रखना चाहिए? गिरावट पर खरीदारी सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी है। कई इनवेस्टर्स इस स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन, उनके पास खरीदारी के लिए ज्यादा पैसे नहीं हैं। SIP के स्टॉपेज रेशियो से इसका संकेत मिला है। यह रेशियो ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है।


मार्केट सीधी लाइन में नहीं चलता है

इनवेस्टर्स को यह समझने की जरूरत है कि मार्केट की चाल एक सीधी लाइन की तरह नहीं होती है। बुलिश मार्केट में भी बीच-बीच में मार्केट में करेक्शन आता है। इसी तरह, बेयरिश मार्केट में भी बीच-बीच में तेजी आती है। इसलिए मार्केट के टॉप या बॉटम को पकड़ना आपको आसान लग सकता है, लेकिन यह नामुमकिन है। जो इनवेस्टर्स निवेश के लिए सही मौके को पकड़ना चाहते हैं उन्हें हर रिकवरी पर ऐसा लगता है कि मार्केट अपने बॉटम से बाहर आ रहा है। इसी तरह हर गिरावट पर लगता है कि मार्केट नया बॉटम बनाने जा रहा है।

पिछले कुछ दशकों में 6 टॉप तो 5 बॉटम बने हैं

पिछले कुछ दशकों में Nifty 50 को देखने पर पता चलता है कि मार्केट्स ने छह टॉप बनाए हैं। 2008, 2010, 2020, 2021 और आखिरी बार यह 2024 में बना था। इसी तरह मार्केट ने 5 बॉटम बनाए हैं। 2009, 2011, 2016, 2020 और आखिरी बार 2022 मे बना था। मार्केट के इस टॉप और बॉटम के दौरान अपने निवेश को बनाए रखने वाले इनवेस्टर का पैसा 2004 में 1,000 रुपये से बढ़कर अब 12,700 रुपये हो गया है। लेकिन, मार्केट में सही मौके का फायदा उठाने के लिए टॉप पर एग्जिट करने वाले इनवेस्टर का रिटर्न इस दौरान काफी कम रहा। टॉप और बॉटम की पहचान में कुछ महीनों की भी देर की वजह से उसका पैसा इस दौरान बढ़कर सिर्फ 10,000 रुपये हुआ है।

मार्केट को टाइम करने की रणनीति काम नहीं करती

इसका मतलब है कि मार्केट में सही मौके की तलाश की रणनीति फायदेमंद साबित नहीं होती है। अगर आज किसी इनवेस्टर को स्टॉक्स बेचने की सलाह दी जाए तो उसका जवाब हो सकता है-मेरा पोर्टफोलियो काफी करेक्ट हो चुका है, इसलिए हमें किस लेवल पर बेचना चाहिए? इसका मतलब है कि एक बार टॉप निकल जाने के बाद लोअर लेवल पर स्टॉक्स को बेचना मुश्किल हो जाता है। इसी तरह, अगर इनवेस्टर बॉटम पर निवेश करने की चाहत के बावजूद रिकवरी में निवेश का मौका चूक जाता है तो उसके लिए हायर लेवल पर स्टॉक्स को खरीदना मुश्किल हो जाता है।

यह भी पढ़ें: इंडियन मार्केट्स का Return 2025 में डबल डिजिट में रहेगा, इन सेक्टर्स में निवेश से हो सकती है तगड़ी कमाई

आपको क्या करना चाहिए?

निष्कर्ष यह है कि मार्केट को टाइम करना नामुमकिन है। मार्केट को टाइम करने का मतलब निवेश के लिए सही मौके को पकड़ने से है। सच यह है कि इस स्ट्रेटेजी से फायदे की जगह नुकसान होता है। दूसरी तरफ, कंपाउंडिंग के बेनेफिट की वजह से लंबी अवधि के निवेशकों को अक्सर ज्यादा फायदा होता है। इसलिए मार्केट में उतारचढ़ाव से निवेशकों को अपने दिल की धड़कन बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। आपको सिर्फ अट्रैक्टिव वैल्यूएशंस पर अच्छी क्वालिटी के स्टॉक्स खरीदने पर फोकस करने की जरूरत है। फिर अगर आप इन स्टॉक्स में अपना निवेश लंबी अवधि तक बनाए रखते हैं तो आप बड़ा वेल्थ बना सकते हैं।

अनन्या रॉय

(रॉय क्रेडिटबुल कैपिटल की फाउंडर हैं। वह सेबी-रजिस्टर्ड एडवाइजर हैं, X: @ananyaroycfa, यहां वक्त विचार उनके निजी विचार हैं।)

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।