Stock Market Fall: दिन के लो से 585 अंक रिकवर हुआ सेंसेक्स, निफ्टी 23700 के पार; इन कारणों से मिली राहत

Stock Market Fall: इससे पहले सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से करीब 917 अंक तक गिरकर 75,474.43 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए एक बड़ा जोखिम मानी जाती हैं

अपडेटेड Jul 24, 2026 पर 4:51 PM
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गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था।

शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट दिखी। दिन में गिरावट तगड़ी रही लेकिन बाजार बंद होते-होते थोड़ी राहत मिली। हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में ही बंद हुए हैं। सेंसेक्स की ओपनिंग गिरावट में 75,708.19 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से करीब 917 अंक तक लुढ़ककर 75,474.43 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,666.35 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया।

कारोबार बंद होने के वक्त सेंसेक्स दिन के लो से 585.34 अंक और निफ्टी 161.15 अंक रिकवर हुआ। सेंसेक्स की क्लोजिंग 331.62 अंकों की गिरावट के साथ 76,059.77 पर और निफ्टी की 102.15 अंकों की गिरावट के साथ 23,767.45 पर हुई।

पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।


बाजार में इन वजहों से रिकवरी

कच्चे तेल का 100 डॉलर से नीचे आना: कच्चे तेल के भाव में 24 जुलाई को हल्की गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। इससे बाजारों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।

निचले स्तरों पर खरीदारी: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट रही। हाल के सेशन में गिरे बाजार को देखते हुए निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीद की।

बैंक शेयरों की इंट्राडे लो से वापसी: बैंकिंग शेयरों ने इंट्राडे लो से रिकवरी की है। बैंक निफ्टी 56,023.60 के इंट्राडे निचले स्तर तक गिर गया था, लेकिन बाद में 101.5 अंकों की बढ़त के साथ 56,693.50 पर बंद हुआ। AU स्मॉल फाइनेंस बैंक 3.5 प्रतिशत, बैंक ऑफ बड़ौदा 1.2 प्रतिशत, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 1.2 प्रतिशत, IDFC फर्स्ट बैंक 1.3 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

रुपये में रिकवरी: शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 96.51 पर पहुंच गया। बाद में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे मजबूत होकर 96.57 (अस्थायी) पर बंद हुआ। खबरों के मुताबिक, इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की संभावित दखलंदाजी का भी हाथ रहा, जिसके जरिए रुपये में और गिरावट को रोकने की कोशिश की गई। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी घरेलू करेंसी को कुछ सहारा दिया।

शुक्रवार की तगड़ी गिरावट के अहम कारण

1. कच्चे तेल का 100 डॉलर के पार पहुंचना: अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े तनाव ने ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दी। इससे महंगाई और बढ़ने की चिंता फिर से बढ़ गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए एक बड़ा जोखिम मानी जाती हैं। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है। यह अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।

2. इंफोसिस के शेयरों में गिरावट: IT सर्विस कंपनी इंफोसिस के शेयरों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 3% से ज्यादा की गिरावट दिखी। हालांकि बाद में यह 1 प्रतिशत की गिरावट पर सिमट गया। कंपनी ने लगातार बनी हुई मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता के बीच पूरे साल के रेवेन्यू अनुमान की ऊपरी सीमा को घटाकर 1.5% से 3% के बीच कर दिया है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12.2% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,769 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹48,211 करोड़ हो गया।

3. FII की लगातार बिकवाली: शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) गुरुवार को भी सेलर बने रहे। उन्होंने 2,999.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

4. एशियाई बाजारों में गिरावट: एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6 प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट में हैं। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

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5. इंडिया VIX में उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाले इंडिया VIX में दिन में 9.5 प्रतिशत का उछाल दिखा। यह 14.77 पर पहुंच गया। लेकिन बाद में 14.03 पर आ गया। वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की उम्मीदों को दर्शाती है, जिससे अक्सर जोखिम से बचने वाले निवेशक शेयरों में अपना निवेश कम कर देते हैं।

6. बढ़ती भूराजनीतिक चिंताएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान और उसके हूथी सहयोगियों को बड़ी सैन्य सजा देने की बात कही है। यमनी लड़ाकों द्वारा लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला करने के बाद मध्य पूर्व का संघर्ष एक और अहम शिपिंग रूट तक फैल गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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