शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट है। वह भी थोड़ी बहुत नहीं बल्कि तगड़ी। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में 75,708.19 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से करीब 917 अंक तक गिरकर 75,474.43 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,666.35 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। इस गिरावट के पीछे महंगा कच्चा तेल, इंफोसिस के शेयर में गिरावट, एशियाई बाजारों में गिरावट जैसे कई फैक्टर हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार की गिरावट के अहम कारण डिटेल में...
1. कच्चे तेल का 100 डॉलर के पार पहुंचना
अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े तनाव ने ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दी है। इससे महंगाई और बढ़ने की चिंता फिर से बढ़ गई है। शुक्रवार को भी ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए एक बड़ा जोखिम मानी जाती हैं। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है। यह अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।
क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों- BPCL, HPCL, इंडियन ऑयल के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। पेंट स्टॉक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट है। टायर स्टॉक्स 2 प्रतिशत तक और एयरलाइन स्टॉक्स जैसे स्पाइसजेट, इंडिगो 3 प्रतिशत तक गिरे हैं।
2. इंफोसिस के शेयरों में गिरावट
IT सर्विस कंपनी इंफोसिस के शेयरों में शुक्रवार को 3% की गिरावट दिखी। यह एनएसई पर इस वक्त दूसरा सबसे बड़ा लूजर स्टॉक है। कंपनी ने लगातार बनी हुई मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता के बीच पूरे साल के रेवेन्यू अनुमान की ऊपरी सीमा को घटाकर 1.5% से 3% के बीच कर दिया है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12.2% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,769 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹48,211 करोड़ हो गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) गुरुवार को भी सेलर बने रहे। उन्होंने 2,999.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
4. एशियाई बाजारों में गिरावट
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5.56 प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाले इंडिया VIX में 9 प्रतिशत का उछाल दिखा। यह 14.68 पर पहुंच गया। वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की उम्मीदों को दर्शाती है, जिससे अक्सर जोखिम से बचने वाले निवेशक शेयरों में अपना निवेश कम कर देते हैं।
6. बढ़ती भूराजनीतिक चिंताएं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान और उसके हूथी सहयोगियों को बड़ी सैन्य सजा देने की बात कही है। यमनी लड़ाकों द्वारा लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला करने के बाद मध्य पूर्व का संघर्ष एक और अहम शिपिंग रूट तक फैल गया है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।