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Stock Market Crash: महंगे कच्चे तेल पर फिसला बाजार, सेंसेक्स 917 अंक तक लुढ़का; 6 कारणों से लगातार 5वें दिन लाल

Stock Market Crash: शुक्रवार को भी ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए एक बड़ा जोखिम मानी जाती हैं। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है

Curated By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 24, 2026 पर 12:01 PM
Stock Market Crash: महंगे कच्चे तेल पर फिसला बाजार, सेंसेक्स 917 अंक तक लुढ़का; 6 कारणों से लगातार 5वें दिन लाल
गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था।

शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट है। वह भी थोड़ी बहुत नहीं बल्कि तगड़ी। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में 75,708.19 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से करीब 917 अंक तक गिरकर 75,474.43 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,666.35 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। इस गिरावट के पीछे महंगा कच्चा तेल, इंफोसिस के शेयर में गिरावट, एशियाई बाजारों में गिरावट जैसे कई फैक्टर हैं।

पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार की गिरावट के अहम कारण डिटेल में...

1. कच्चे तेल का 100 डॉलर के पार पहुंचना

अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े तनाव ने ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दी है। इससे महंगाई और बढ़ने की चिंता फिर से बढ़ गई है। शुक्रवार को भी ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए एक बड़ा जोखिम मानी जाती हैं। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है। यह अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।

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