गुरुवार, 4 जून को शेयर बाजार में पहले गिरावट, फिर तेजी और फिर गिरावट का आलम दिखा। सुबह सेंसेक्स लाल निशान में खुला। उसके बाद पिछली क्लोजिंग से लगभग 539 अंकों की गिरावट के साथ 73,807.30 के लो तक गया। इसके बाद इसने तेजी देखी और पिछली क्लोजिंग से 198 अंकों की बढ़त के साथ 74,544.24 के हाई तक गया। दोपहर में बाजार में फिर से गिरावट लौटी और सेंसेक्स दिन के हाई से 476 अंकों तक फिसलकर 74068.24 तक गया।
निफ्टी भी इसी तरह उतारचढ़ाव से जूझा। दिन में इसने 23,247.30 का लो और 23,462.30 का हाई देखा। दिन में निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 158 अंक तक लुढ़का। आइए जानते हैं गिरावट के मुख्य कारण...
अमेरिका-ईरान डील पर अनिश्चितता
अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के संघर्ष विराम पर समझौते को लेकर अभी तक कुछ ठोस सकारात्मक खबर नहीं आई है। लगातार कहा जा रहा है कि डील फाइनल होने की कगार पर है, लेकिन डील कंफर्म होने की आधिकारिक घोषणा का अभी भी इंतजार है। अगर समझौता नहीं हुआ, महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पहले की तरह फुली ऑपरेशनल नहीं हुआ तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ने और वैश्विक व्यापार में रुकावटें बढ़ने का डर है। इसके कारण महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है।
बाजार में सेलिंग के पीछे एक कारण प्रॉफिट बुकिंग को भी माना जा रहा है। मार्केट में अच्छी तेजी देख निवेशक ऊंचे स्तरों पर बिकवाली करने लगे। इससे बाजार में दबाव बना।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की जून महीने की मीटिंग 3 जून से शुरू हो गई है। फैसलों की घोषणा 5 जून को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा करेंगे। देश में अभी रेपो रेट 5.25 प्रतिशत है। अप्रैल महीने की मीटिंग में इसे जस का तस छोड़ा गया था। माना जा रहा है कि इस बार भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर पैदा हुई चुनौतियों को देखते हुए केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। MPC की मीटिंग हर 2 महीने पर होती है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार में लगातार सेलर बने हुए हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने 3 जून के पिछले कारोबारी सत्र में 5,616.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी
आज जून सीरीज में सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की पहली वीकली एक्सपायरी है। इसके चलते आज मार्केट में काफी हलचल है।
एशियाई बाजारों में कॉस्पी, ताइवान वेटेड लगभग 2 प्रतिशत गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निक्केई 225, हेंग सेंग और जकार्ता कंपोजिट में 1.5 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट भी लाल है। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीं यूरोपीय बाजारों में तेजी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।