टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट (Trent) के शेयरों में 4 जून को पिछली क्लोजिंग से 35 प्रतिशत तक की गिरावट दिख रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सच में शेयर क्रैश हुआ है? अगर नहीं तो फिर भाव इतना कम क्यों दिख रहा है। इसका जवाब है बोनस इश्यू। दरअसल ट्रेंट अपने शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर दे रही है। इसके चलते शेयर 4 जून को एक्स—बोनस ट्रेड कर रहा है। लिहाजा शेयर की कीमत एडजस्ट हुई है।
इसीलिए शेयर का ओपनिंग प्राइस, पिछली क्लोजिंग से 33.5 प्रतिशत कम हो गया। NSE पर ट्रेंट का शेयर 3 जून को 4257.60 रुपये पर बंद हुआ था। 4 जून को यह 2830 रुपये पर खुला। दिन में 2759.50 के लो तक गया, जो कि पिछली क्लोजिंग से 35 प्रतिशत कम है। प्राइस एडजस्टमेंट से शेयरहोल्डर वैल्यू में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
क्या अब Trent स्टॉक खरीदने पर मिल जाएंगे बोनस शेयर?
4 जून बोनस इश्यू की रिकॉर्ड डेट भी है। इसलिए इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे। लेकिन आज, गुरुवार को शेयर को खरीदने पर इस बोनस इश्यू का फायदा नहीं मिलेगा। ट्रेंट, टाटा ग्रुप का फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस है। कंपनी के Westside, Zudio और Star जैसे ब्रांड्स के तहत रिटेल स्टोर हैं। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।
डिविडेंड भी दे रही है कंपनी
ट्रेंट वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फाइनल डिविडेंड के तौर पर 6 रुपये प्रति शेयर का अमाउंट दे रही है। रिकॉर्ड डेट 12 जून है। डिविडेंड पर ट्रेंट की 23 जून को होने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 26 जून को या उसके बाद किया जाएगा। ट्रेंट ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
खरीदें, बेचें या करें होल्ड?
HSBC ने ट्रेंट के शेयर के लिए टारगेट प्राइस 4910 रुपये कर दिया है। 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। अप्रैल महीने में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग बरकरार रखते हुए 5250 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया था। गोल्डमैन सैक्स ने 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी थी। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 4330 रुपये किया था। मॉर्गन स्टेनली ने 'ओवरवेट' रेटिंग बनाए रखते हुए 4835 रुपये का टारगेट सेट किया था। एलारा कैपिटल ने 'एक्युमुलेट' रेटिंग बरकरार रखते हुए 4800 रुपये का टारगेट दिया था। HDFC Securities ने शेयर की रेटिंग को घटाकर 'एड' कर दिया था। टारगेट प्राइस रिवाइज करके 4500 रुपये प्रति शेयर कर दिया था।
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