Stock Market Crash: बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का; 5 कारणों से बिकवाली

Stock Market Fall: शुरुआती कारोबार में बाजार को भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी की उम्मीद, कच्चे तेल में गिरावट, वैश्विक बाजारों की तेजी, रुपये की मजबूती जैसे फैक्टर्स से सहारा मिला। लेकिन फिर दोपहर में बाजार में गिरावट आई

अपडेटेड May 29, 2026 पर 4:37 PM
Story continues below Advertisement
सेंसेक्स अपनी पूरी बढ़त गंवाते हुए 75,681.79 के लो तक गया।

भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर लाल निशान में आ गए हैं। 29 मई को जोरदार शुरुआत करने के बाद बाजार में ​कारोबार के आखिरी घंटे में जोरदार गिरावट आई। सेंसेक्स 1000 अंक टूट गया। दो दिन गिरावट देखने के बाद शुक्रवार सुबह सेंसेक्स हरे निशान में खुला। जल्द ही पिछली क्लोजिंग से 352 अंक तक उछलकर 76,220.02 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी खुलने के तुरंत बाद ही 95 अंकों से ज्यादा तक चढ़कर 24,002.80 के हाई तक गया। बाजार को भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी की उम्मीद, कच्चे तेल में गिरावट, वैश्विक बाजारों की तेजी, रुपये की मजबूती जैसे फैक्टर्स से सहारा मिला।

लेकिन फिर दोपहर में बाजार में गिरावट आई। सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से लगभग 1279 अंक तक टूटकर 74,589.11 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी 422 अंक तक लुढ़ककर 23,484.75 के लो तक गया। बाद में सेंसेक्स 1092.06 अंकों की गिरावट के साथ 74,775.74 पर और निफ्टी 359.40 अंकों की गिरावट के साथ 23,547.75 पर सेटल हुआ। आइए जानते हैं गिरावट के मुख्य कारण...

अमेरिका-ईरान डील पर अनिश्चितता


ऐसी खबर है कि अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के संघर्ष विराम पर समझौता फाइनल होने की कगार पर है। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मोहर लगना बाकी है। लेकिन ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि अभी कोई डील फाइनल नहीं हुई है। ऐसे में पश्चिम एशिया में छाए तनाव पर अनिश्चितता बरकरार है। अगर समझौता नहीं होता है, महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलता है तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ने और वैश्विक व्यापार में रुकावटें बढ़ने का डर है। इसके कारण महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है।

प्रॉफिट बुकिंग

बाजार में सेलिंग के पीछे एक कारण प्रॉफिट बुकिंग को भी माना जा रहा है। मार्केट में 2 दिन बाद अच्छी तेजी देख निवेशक ऊंचे स्तरों पर बिकवाली करने लगे। इससे बाजार में दबाव बना।

LIC Share Price: क्या सच में 50% क्रैश हुआ है भारतीय जीवन बीमा निगम का शेयर? क्यों दिख रही है इतनी बड़ी गिरावट

FII की सेलिंग

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार में सेलर बने हुए हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने 27 मई के पिछले कारोबारी सत्र में 1,042.70 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। FII इस साल अब तक 24.3 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेच चुके हैं।

भारत में मॉनसून कमजोर रहने का अंदेशा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अपने पूर्वानुमान को घटाकर 92% से 90% (दीर्घकालिक औसत के मुकाबले) कर दिया। यह इस बात का संकेत है कि इस साल जून से सितंबर के बीच भारत में सामान्य से कम बारिश होने का खतरा बढ़ गया है।

MSCI रीबैलेंसिंग

MSCI के मई महीने के बदलाव लागू हो गए हैं। IIFL Capital के अनुसार, 2020 और 2024 के बीच MSCI EM इंडेक्स में भारत का वेटेज बढ़ा था। यह जुलाई 2024 में बढ़कर लगभग 20% हो गया था। लेकिन MSCI की हालिया रीबैलेंसिंग के बाद इसके घटकर 11.2% पर आने का अनुमान है। पहले घोषित किए गए बदलावों के अनुसार, Federal Bank, MCX, NALCO और Indian Bank को स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया है। वहीं Hyundai Motor India, Jubilant Foodworks, Kalyan Jewellers India और Rail Vikas Nigam (RVNL) जैसे स्टॉक इंडेक्स से बाहर किए गए हैं।

27 मई को कैसी रही थी चाल

गुरुवार, 28 मई को शेयर मार्केट बकरीद के मौके पर बंद थे। उससे पहले बुधवार को बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स 141.90 अंक या 0.19 प्रतिशत टूटकर 75,867.80 पर बंद हुआ था। निफ्टी 6.55 अंक या 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,907.15 पर रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।