Stock Market Sharp Recovery: शुरुआती गिरावट से उबरते हुए घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी ने जबरदस्त वापसी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 540 पॉइंट्स ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी भी 24100 के करीब से रिटर्न हुआ और 24300 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मिडकैप स्पेस में अच्छी रिकवरी लौटी लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में दबाव बना रहा। दिन के आखिरी के निफ्टी मिडकैप 100 आधी फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप लाल बना रहा।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 25 अगस्त को अगस्त सीरीज में निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 286.98 प्वाइंट्स यानी 0.37% के उछाल के साथ 77,656.09 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 115.50 प्वाइंट्स यानी 0.48% की मजबूती के साथ 24,334.55 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 248.57 प्वाइंट्स फिसलकर 77,125.91 तक आ गया था जिससे 540.48 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,666.39 तक पहुंचा था तो निफ्टी भी 103.60 प्वाइंट्स गिरकर 24,115.45 तक आया जिससे इसने यू-टर्न लिया और 219.10 प्वाइंट्स चढ़कर 24,334.55 तक पहुंच गया।
Stock Market Recovery: ये है वजह
मार्केट की गिरावट का कई निवेशकों ने फायदा उठाया। निचले स्तर पर खरीदारी से अच्छी कंपनियों के शेयर सस्ते में खरीदने की होड़ मची जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। आज यह 3.40% की गिरावट के साथ 11.13 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
सरकारी बैंकों से मजबूत सपोर्ट
सेक्टरवाइज मार्केट को सरकारी बैंकों के साथ-साथ आईटी और फार्मा कंपनियों ने ऊपर खींच लिया और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त रही।
शुरुआती कारोबार में क्यों चली थी बिकवाली की आंधी
अमेरिका ने ईरान के ऑयल,डिजिटल एसेट,तकनीक,सोना,एविएशन और शिपिंग सेक्टर पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान का साथ देने वाले देशों पर भी कार्रवाई होगी। उधर ईरान ने डॉलर सिस्टम से हटने की चेतावनी देते हुए कहा है कि यह एक्ट ऑफ वॉर है। इसने मार्केट पर दबाव बनाया था तो आज एनएसई के निफ्टी और बैंक निफ्टी समेत सभी इंडेक्सेज और स्टॉक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी थी। ऐसे में ट्रेडर्स को आज अपनी मंथली पोजिशन को स्क्वेयर ऑफ करना है तो इसका असर मार्केट पर दिखा। यह CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) लागू होने के बाद पहली मंथली एक्सपायरी थी। इसके अलावा मार्केट पर मेटल और ऑटी सेक्टर में बिकवाली ने दबाव बनाया था। निफ्टी मेटल में करीब 1% और निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो में आधे फीसदी से अधिक फिसलन आई थी लेकिन दिन के आखिरी तक मेटल सेक्टर की मामूली गिरावट को छोड़ बाकी दोनों के निफ्टी इंडेक्स में अच्छी बढ़त आई।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।