Stock Market Insight : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए टाटा म्युचुअल फंड्स ( Tata Mutual Fund) के CIO राहुल सिंह ने कहा कि RBI की कदमों से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। आरबीआई के कदम चीजों को पूरी तरह से बदल तो नहीं सकते लेकिन इससे बाजार को थोड़ी राहत तो मिल सकती है। भारत के एनटीएआई ट्रेड के बारे में बात करते हुए हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि प्रॉफिट ग्रोथ पर कहीं न कहीं एआई का असर आया है। दूसरी बात है कि हाई क्रूड प्राइसेस, हाई कमोडिटी प्राइसेस और कमजोर रुपया एक तरीके से कुछ सेक्टर्स को हेल्प करता है लेकिन बाकी सेक्टर्स के लिए नेगेटिव भी है। जिन सेक्टरों में वैल्यूएशन ज्यादा थे वहां, इनका खराब असर पड़ा सकता है। ऐसे सेक्टरों में कंज्यूमर और ऑटो सेक्टर शामिल हैं।
बाजार में इस समय प्रॉफिट को लेकर काफी खींचातानी चल रही है। पिछले दो साल में निफ्टी की प्रॉफिट ग्रोथ सिर्फ 5% सालान रही है। हम उम्मीद कर रहे थे वित्त वर्ष 2027 में निफ्टी का प्रॉफिट ग्रोथ 17-19 फीसदी रह सकती है। लेकिन अब इस पर दबाव देखने को मिल सकता है। वित्त वर्ष 2027 में निफ्टी का प्रॉफिट ग्रोथ अब 12 से 15 फीसदी के आसपास रह सकता है।
बाजार में आगे कुछ सेक्टर्स अच्छा करते नजर आ सकते हैं। कमजोर रुपए और हाई रेट्स की वजह को बैंकों को कमोडिटी कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। लेकिन बाकी सेक्टर्स पर इसका खराब असर पड़ सकता है। तो कुल मिला के हमें देखना है कि हमारी प्रॉफिट ग्रोथ कितनी रह सकती है क्योंकि वैल्यू्यूएशन धीरे-धीरे नॉर्मलाइज हो रहा है और हो सकता है अगले 3-6 महीने में और भी नॉर्मलाइजेशन हो क्योंकि एआई की वजह से बाकी मार्केट में जो उत्साह है वो कुछ हद तक वाजिब भी है। इसके अलावा इस एआई थीम से फायदा उठाने के लिए कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में हो सकता है यह पीरियड और 3-6 महीने चले।
राहुल सिंह का मानना है कि जब तक देश में सारी बड़ी कंपनियों के प्रस्तावित आईपीओ आ नहीं जाते तब तक यह एआई वेव कायम रहेगा। इस स्थिति में हमें ये देखना होगा कि हमारी खुद की प्रॉफिट ग्रोथ क्या रहती है। जो पिछले दो साल से अच्छी नहीं थी वो क्या 12-15 फीसदी रह सकती है। ऐसा लगाता है बाजार सामान्य स्थिति में आ जाएगा। बाजार इसके लिए एक बेस बना रहा है। लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है कि बाजार कब तक नॉर्मलाइज होगी। AI का IT सेक्टर में अभी और थोड़ा दबाव आना बाकी है।
बाजार की चाल पर बात करते हुए राहुत सिंह ने कहा किटाइम और प्राइस करेक्शन के साथ ही हमारे बाजार का रिस्क रिवॉर्ड बेहतर होता जा रहा है। इस समय डाइवर्सीफाइड फ्लेक्सी कैप अप्रोच की सलाह होगी। किसी खास सेक्टर पर बहुत ज्यादा एक्पोजर की सलाह नहीं होगी। भारतीय बाजार की एक अच्छी खूबी ये है कि यह ब्रेथ बहुत है। हमारे पास सारे सेक्टर्स हैं। इसमें डिफेंसिव सेक्टर से लेकर ग्रोथ सेक्टर,कंज्यूमर सेक्टर और कमोडिटीज सभी मिल जाते है। हम एक यूनडाइमेंशनल मार्केट नहीं है। मतलब हम एक तरफा मार्केट नहीं है। ऐसे में फ्लेक्सी कैप आपको ऐसी अच्छी ओपोरर्चुनिटी देता है जिसमें हम सारे सेक्टर्स अपना एक्सपोजर ऐसा रखें कि हमें कुछ ग्रोथ भी मिल सके, कुछ रिटर्न भी मिले रहे और कुछ डिफेंसिवनेस भी बनी रहें।
डिफेंसिव प्ले की बात करें तो फार्मा और कंज्यूमर सेक्टर में मौके मिल सकते। वहीं, ग्रोथ के लिए आपकी प्राइवेट बैंकों पर नजर रखनी चाहिए। आगे हमें ब्याज दरों में बढ़त देखने को मिल सकती है। इसका फायदा निजी बैंकों के मिल सकता है। स्मॉल कैप शेयरों की तरफ भी ध्यान देने की जरूरत है। 2024 के मुकाबले स्मॉल कैप के वैल्युएशन अच्छे हुए हैं।
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