StocK Market: बाजार की तेजी सच या छलावा, एक्सपर्ट्स की क्या हैं राय, आगे किस मोड़ खड़ा होगा मार्केट

दलजीत सिंह कोहली का कहना है कि बाजार में "uncertainty" का माहौल है इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन पैनिक रिएक्शन के बाद बाजार में रिकवरी आना स्वाभाविक हैं। बाजार उम्मीद लगा कर चल रहा है कि 90 दिन का टैरिफ विराम भारत के लिए बेहतर हो सकता है

अपडेटेड Apr 19, 2025 पर 10:07 AM
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आईटी सेक्टर में ग्रोथ को लेकर चिंता बनी हुई है। यूएस में आई अनिश्चितता का असर इस सेक्टर पर पड़ने की संभावना है

पिछले कुछ दिनों में शेयर बाजार ने जो तेजी दिखाई है इस पर आप क्या सोच रहे हैं? इस बाजार में कुछ निवेशक ऐसे है जो काफी खुश है क्योंकि उन्होंने गिरावट में भी पैसे लगाए थे जो अब हरे हरे दिख रहें हैं और कुछ ऐसे भी निवेशक है जो जो पछता रहे हैं, कि काश गिरावट में पैसा लगाया होता, अब पता नहीं वो मौका फिर कभी आए या नहीं? कुछ का मानना है कि अब बाजार में गिरावट का दौर खत्म हो गया, पैसा लगाने का समय आ गया है। औऱ अब पैसे लगाने के लिए शेयर तलाश रहे हैं? तो वहीं कुछ निवेशक उस कैटेगरी में भी है जो अभी भी ये सोच के बैठे हैं कि हरियाली तो दिखावा है बाजार फिर गोता लगाएगा? तो आइए डालते है एक नजर क्या है बाजार के दिग्गजों का कहना।

Roha Asset Managers LLP के इक्विटी हेड दलजीत सिंह कोहली का कहना है कि बाजार में "uncertainty" का माहौल है इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन पैनिक रिएक्शन के बाद बाजार में रिकवरी आना स्वाभाविक हैं। बाजार उम्मीद लगा कर चल रहा है कि 90 दिन का टैरिफ विराम भारत के लिए बेहतर हो सकता है। हालांकि अभी तक बाजार इस बात का कयास लगा कर चल रहा है कि भारत बातचीत कर एक रीजनेबल टैरिफ के दायरे में आएगा। आनेवाले 90 दिनों में भारतीय बाजार में इसी तरह के उतार-चढ़ाव आगे भी देखने को मिल सकते है। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक है तो बाजार में गिरावट में जरुर खरीदारी करें।

आईटी सेक्टर में ग्रोथ को लेकर चिंता बनी हुई है। यूएस में आई अनिश्चितता का असर इस सेक्टर पर पड़ने की संभावना है। AI टेक्नोलॉजी का भी असर इस सेक्टर पर पड़ता दिख सकता है। सेक्टर में वैल्यूएशन कंफर्ट हो रहा है लेकिन ग्रोथ को लेकर विजिबिलिटी नजर नहीं आ रही है। हमारे पोर्टफोलियों में एक भी आईटी स्टॉक्स नहीं है। दलजीत सिंह कोहली ने आगे कहा कि आईटी की तुलना में हम कंज्मशन पर काफी बुलिश है।


CapGrow Capital Advisors के Founder & CIO अरुण मलहोत्रा का कहना है कि टैरिफ वार अभी भी ट्रांजिशन फेस में है। ये कहा जाकर सेटल होगा इसको लेकर किसी को कोई आइडिया नहीं है। ऐसी सिचुएशन में जब बाजार में इतना ज्यादा अनिश्चितता बनी हुई है यह कहना कि इसका असर खत्म हुआ है। यह गलत होगा। बाजार में आई uncertainty बाजार में वौलेटिलिटी का काम कर रही है । हालांकि टैरिफ वार पर 90 दिनों के विराम ने बाजार की वौलेटिलिटी को थोड़े समय के लिए ब्रेक देने का काम किया। यहीं वजह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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