Stock Market Losses: 30 साल की उम्र में ₹2 करोड़ का घाटा और वह भी ऑप्शन ट्रेडिंग से। एक बार फिर फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग के रिस्क ने ट्रेडर्स को तगड़े झटके की भयावह कहानी सामने आई है। यह कहानी इस हफ्ते की शुरुआत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर सामने आई। इस शख्स ने अपने बारे में बताया कि उसकी हर महीने की कमाई ₹2.85 लाख है और उसने ऑप्शंन ट्रेडिंग में ₹2 करोड़ से अधिक गंवा दिए हैं। शख्स का कहना है कि खुद को चलाने के लिए वह लगातार उधार लेता रहा और अब अपने कर्ज को कम करने के तरीकों पर उसने लोगों से सलाह मांगी है।
कितनी मुश्किल में है ट्रेडर?
वायरल हो चुकी रेडिट पोस्ट में 30 वर्षीय शख्स का कहना है कि वह भारत में एक बड़ी कंपनी में काम करता है। इस सैलरीड प्रोफेशनल की हर महीने की इन-हैंड सैलरी करीब ₹2.85 लाख है तो ऐसे में शख्स का दावा है कि देखने में तो चीजें सही लग रही हैं लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग है। शख्स का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने धड़ाधड़ ऑप्शंस ट्रेडिंग की जिसकी शुरुआत तो महज साइज इंवेस्टिंग के तौर पर हुई थी। शख्स ने आगे बताया कि वह ऑप्शन ट्रेडिंग में ₹2 करोड़ से अधिक गंवा चुका है और नुकसान की भरपाई करने और काम चलाने के लिए उसने लगातार कर्ज लिया।
शख्स के मौजूदा स्थिति की बात करें तो शख्स पर एचडीएफसी से करीब ₹27 लाख का पर्सनल लोन, ₹28 लाख का बजाज ओवरड्राफ्ट लोन, छोटी एनबीएफसी से ₹8-₹9 लाख का कर्ज, दो क्रेडिट कार्ड का ₹12 लाख का बकाया है। ट्रेडर का कहना है कि उस पर ईएमआई और ब्याज का बोझ इतना अधिक है कि इसकी सैलरी से इससे बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। फिलहाल रेडिट यूजर ने ट्रेडिंग पूरी तरह से बंद कर दी है और उनका कहना है कि अब दोबारा इस रास्ते आने का इरादा भी नहीं है।
रेडिट यूजर का तो हताशा में यह भी कहना है कि वह गंभीरता से डिफॉल्ट होने पर विचार कर रहा है और फिर बाद में सेटलमेंट के लिए बातचीत कर सकता है। साथ ही उसने यह भी कहा कि अब वह अपने सैलरी अकाउंट को एक्सिस बैंक में स्विच कर सकता है और एचडीएफसी और एसबीआई में लोन से जुड़े खातों में कोई बैलेंस नहीं रखना है। सैलरीड प्रोफेशनल के मुताबिक उसे यह यह समझ है कि ऐसा करने से उसका क्रेडिट स्कोर खत्म हो जाएगा और कई वर्षों तक वह लोन भी नहीं सकेगा लेकिन अगर इससे मानसिक शांति मिलती है और दोबारा सब कुछ ठीक करने का मौका मिलता है, तो इससे कोई आपत्ति नहीं है।
रेडिट यूजर का कहना है कि फिलहाल उसने अपनी आदतें सुधार ली हैं और अब उसने ऑप्शन ट्रेडिंग बंद कर दी है और कुछ वर्षों में उसकी शादी करने की भी योजना है। यूजर का कहना है कि वह न तो भागने की कोशिश कर रहा है और न ही सिस्टम को धोखा जेने की योजना गै, बल्कि वह सिर्फ दो बुरे विकल्पों में से एक को चुनना चाहता है जिससे उसे आगे एक स्थिर और ईमानदार जिंदगी मिल सके। साथ ही उसकी योजना खूब बचत करने, आय के हिसाब से खर्च करने और कर्ज मुक्त रहने की है।
ऑप्शन ट्रेडिंग में ₹2 करोड़ से अधिक गंवाने वाले ट्रेडर एक विकल्प के तौर पर डिफॉल्ट होने की योजना पर विचार कर रहा है। हालांकि उसकी प्रमुख चिंताएं ये हैं कि देश में कई अनसिक्योर्ड लोन्स पर डिफॉल्ट करने पर वास्तव में क्या होता है, वसूली के लिए कितना उत्पीड़न झेलना पड़ सकता है, क्या कॉरपोरेट में काम कर रहे शख्स की सैलरी कुर्क हो सकती है, इसकी आंच एंप्लॉयर या एचआर तक जा सकती है, इसका परिवार के सदस्यों पर कितना बुरा असर पड़ता है? ट्रेडर ने रेडिट पर पूछा कि क्या यहां किसी शख्स ने डिफॉल्ट किया है और फिर बाद में स्थिति सुधारकर शांतिपूर्ण जिंदगी की शुरुआत की है?
ट्रेडिंग में ₹2 करोड़ से अधिक गंवाने वाले सैलरीड प्रोफेशनल ने रेडिंट पर नेटिजंस यानी बाकी रेडिट यूजर्स से सलाह मांगी। एक यूजर ने तो लिखा कि क्रेडिट कार्ड के कर्ज का पेमेंट नहीं कर पाने का मतलब उनके और उनके करीबियों के लिए लगातार उत्पीड़न होगा। एक रेडिट यूजर ने सलाह दी है कि किसी एक बड़े बैंक से उसे सारे कर्ज को मिलाकर एक ही लोन में बदलने के लिए बात करनी चाहिए। यूजर ने आगे कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए बैंक प्राइम रेट से अधिक दर पर ब्याज ले सकते हैं लेकिन फिर भी 13% की दर से 5 साल के लिए ₹80 लाख के लोन की ईएमआई ₹1.8 लाख आएगी यानी कि हर महीने की सैलरी में से इसे निकालने के बाद व्यक्तिगत खर्चों के लिए उसके पास करीब ₹1 लाख बचेंगे जिन पर नियंत्रण रखना होगा।
एक और नेटिजन ने सलाह दी है कि सबसे पहले तो अधिक ब्याज दर वाले लोन को चुकाना चाहिए जिसका क्रम क्रेडिट कार्ड, एनबीएफसी, बजाज ओवरड्राफ्ट और एचडीएफसी हो सकता है। एक और यूजर ने आश्वासन दिया है कि कर्ज में डूबे होने के बावजूद चूंकि सैलरी काफी अच्छी है तो इससे निकलना संभव है। एक और नेटिजन का कहना है कि चूंकि ट्रेडर की सैलरी अच्छी है और यह समय के साथ बढ़ेगी ही तो किसी अच्छे फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेकर इससे निपटा जा सकता है।