Stock Market Outlook: इस हफ्ते दलाल स्ट्रीट का कैसा रहेगा मिजाज? ये 10 बड़े फैक्टर करेंगे तय
Stock Market Outlook: बीते हफ्ते निफ्टी और सेंसेक्स में 4% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जिसमें FIIs की वापसी, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और ब्याज दर कटौती की उम्मीदों ने अहम भूमिका निभाई। अगले हफ्ते बाजार का रुझान अमेरिकी GDP, PMI डेटा, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और FIIs गतिविधियों पर निर्भर करेगा। आइए इनके बारे में डिटेल में जानते हैं।
इस हफ्ते कई महत्वपूर्ण इकोनॉमिक डेटा आने वाले हैं।
Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता काफी शानदार रहा। इस दौरान बाजार ने पिछले चार साल में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की। 21 मार्च को समाप्त सप्ताह में निफ्टी 50 में 4.26% और सेंसेक्स में 4.17% की तेजी आई। इससे यह फरवरी 2025 के पहले हफ्ते के बाद की सबसे ऊंची क्लोजिंग रही।
इस तेजी के पीछे कई वजहें थीं। जैसे कि आकर्षक वैल्यूएशन, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट, भारत VIX में कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लंबे समय बाद वापसी। मुद्रास्फीति में गिरावट और अप्रैल में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भी निवेशकों के अंदर जोश भरा।
एक्सपर्ट के मुताबिक, यह मजबूत ट्रेंड अगले हफ्ते (24 मार्च से शुरू) भी जारी रह सकता है। हालांकि मासिक F&O एक्सपायरी, PMI डेटा, अमेरिकी GDP और व्यापार से जुड़े अपडेट्स के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
अमेरिकी GDP ग्रोथ डेटा पर रहेगी नजर
27 मार्च को अमेरिका का अंतिम GDP डेटा जारी होगा, जो वैश्विक निवेशकों के लिए अहम रहेगा। पिछले दो अनुमानों के मुताबिक, अमेरिकी अर्थव्यवस्था Q4-2024 में 2.3% बढ़ी थी, जो Q3 के 3.1% के मुकाबले कम थी। फेडरल रिजर्व ने पहले ही धीमी अर्थव्यवस्था के संकेत दिए थे और 2025 में GDP ग्रोथ को 1.7% तक सीमित बताया था। इसे जो पहले 2.1% आंका गया था।
इसके अलावा अमेरिका के PCE मूल्य सूचकांक, उपभोक्ता खर्च, बेरोजगारी के आंकड़े, नई होम सेल्स और व्यक्तिगत आय एवं खर्च डेटा भी बाजार पर असर डाल सकते हैं।
ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा और बैंक ऑफ जापान की पॉलिसी
अमेरिकी आंकड़ों के अलावा कई देशों के PMI डेटा भी आएंगे। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की मौद्रिक नीति मीटिंग मिनट्स के साथ ब्रिटेन का तिमाही GDP और इन्फ्लेशन डेटा भी बाजार के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।
घरेलू आर्थिक संकेतक
24 मार्च को भारत का मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI डेटा आएगा। आर्थिक जानकारों के अनुसार, फरवरी के 56.3 और 59 के मुकाबले मार्च में इनमें थोड़ी बढ़त देखी जा सकती है। इसके अलावा बैंक लोन और डिपॉजिट ग्रोथ (14 मार्च तक) और विदेशी मुद्रा भंडार (21 मार्च तक) के आंकड़े 28 मार्च को जारी होंगे।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख
विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹5,819 करोड़ की शुद्ध खरीदारी कर बाजार को मजबूती दी। यह दिसंबर 2024 के शुरुआती हफ्ते के बाद पहली बार हुआ। एक्सपर्ट का मानना है कि यदि FII की खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, अब तक मार्च में FII की कुल बिकवाली ₹15,412 करोड़ रही है।
डॉलर इंडेक्स 104.15 के स्तर पर बंद हुआ, जो चार हफ्तों से नीचे की ओर ट्रेंड कर रहा है। अगर डॉलर कमजोर होता है, तो यह भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक होगा, क्योंकि यह विदेशी निवेश को आकर्षित कर सकता है। दूसरी ओर, रुपये की मजबूती या कमजोरी IT और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स को प्रभावित कर सकती है।
कच्चे तेल की कीमतें
बीते हफ्ते कच्चे तेल की कीमतें 2.24% बढ़कर $72.16 प्रति बैरल हो गईं। अमेरिका ने ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं और OPEC+ ने उत्पादन में कटौती का ऐलान किया है। इन दोनों ही फैक्टर का असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा था।
यह भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए काफी अहम रहेगा, क्योंकि महंगा कच्चा तेल महंगाई (inflation) को बढ़ा सकता है। इससे इकोनॉमिक ग्रोथ और शेयर बाजार भी प्रभावित हो सकते हैं।
नए IPO और SME मार्केट में हलचल
अगले हफ्ते Mainboard में कोई बड़ा IPO नहीं है, लेकिन SME सेगमेंट में 4 नए IPO लॉन्च होंगे। इसमें कुल ₹185 करोड़ जुटाए जाएंगे। साथ ही, 5 SME कंपनियां अगले हफ्ते बाजार में लिस्ट होंगी- Paradeep Parivahan, Divine Hira Jewellers, Grand Continent Hotels, Rapid Fleet Management Services, और Active Infrastructures।
निफ्टी का टेक्निकल एनालिसिस
तकनीकी रूप से बेंचमार्क निफ्टी 50 फिलहाल काफी मजबूत दिख रहा है। पिछले हफ्ते यह 22,350 से बढ़कर 23,400 तक पहुंच गया। इससे साप्ताहिक चार्ट पर एक मजबूत बुलिश कैंडल बनी। इंडेक्स 10, 20 और 50-दिन की ईएमए (EMA) से ऊपर निकल गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स RSI और MACD भी आगे एक मजबूत रुझान का संकेत दे रहे हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक, फिलहाल 23,500 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं, 23,000 का स्तर (10-सप्ताह ईएमए) इंडेक्स के लिए बड़ा सपोर्ट जोन होगा। अगर निफ्टी 23,800 के ऊपर बंद होता है, तो यह बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करेगा।
फ्यूचर और ऑफ्शन (F&O) का हाल
मंथली ऑप्शंस डेटा के अनुसार, निफ्टी निकट भविष्य में 23,000 से 24,000 के दायरे में ट्रेड कर सकता है। इसमें 23,600 अगला रेसिस्टेंस स्तर होगा, जबकि 23,200 अगला सपोर्ट स्तर माना जा रहा है। कॉल ऑप्शंस की बात करें, तो 24,000 स्ट्राइक पर सबसे अधिक कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला। पुट ऑप्शंस में, 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट देखा गया।
इंडिया VIX क्या कह रहा?
इंडिया VIX 5.31% गिरकर 12.58 पर पहुंच गया, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। जब VIX 14 से नीचे रहता है, तो बाजार में स्थिरता बनी रहती है और बुलिश ट्रेंड को सपोर्ट मिलता है। यह पिछले हफ्ते सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इससे एक्सपर्च का मानना है कि जब तक यह 14 के स्तर से नीचे रहेगा, बाजार में बुल्स का दबदबा बना रहेगा।
कॉरपोरेट एक्शन
इस हफ्ते में होने वाले कई कॉरपोरेट एक्शन दिखेंगे। कुछ कंपनियां डिविडेंड देंगी, कोई बोनस शेयर बांटेगी, तो कोई राइट इश्यू ला रही है। आइए इन सभी कंपनियों के बारे में जानते हैं।