BSE के मार्केट कैप में 6.5 लाख करोड़ रुपये का उछाल, आज की तेजी पर ये है एक्सपर्ट्स की राय

Stock market Rally: आज की तेजी के साथ बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 467.22 लाख करोड़ रुपये के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद से 1.4 फीसदी अधिक है। बेंचमार्क सेंसेक्स 1.77% या 1440 अंक बढ़कर 82,962 पर बंद हुआ

अपडेटेड Sep 12, 2024 पर 10:14 PM
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शेयर बाजार में आज 12 सितंबर को अचानक शानदार रैली देखी गई और सेंसेक्स ने एक बार फिर अपने नए रिकॉर्ड हाई को छू लिया।

Stock market: शेयर बाजार में आज 12 सितंबर को अचानक शानदार रैली देखी गई और सेंसेक्स ने एक बार फिर अपने नए रिकॉर्ड हाई को छू लिया। इस तेज उछाल ने BSE के मार्केट कैप में आज 6.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि की है। इसके साथ ही सेंसेक्स ने आज पहली बार 83,000 अंक के लेवल को छू लिया। आज की तेजी की वजहों में अमेरिका में महंगाई का घटना, विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद और क्रूड ऑयल के दाम में कटौती शामिल है। इसके अलावा, आईपीओ को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स को भी आज की तेजी की वजह के रूप में देखा जा रहा है।

BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 467.22 लाख करोड़ पर

आज की तेजी के साथ बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 467.22 लाख करोड़ रुपये के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद से 1.4 फीसदी अधिक है। बेंचमार्क सेंसेक्स 1.77% या 1440 अंक बढ़कर 82,962 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.32% और 0.8% की बढ़त के साथ बंद हुए हैं। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब निवेशक अगले हफ्ते होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक का इंतजार कर रहे हैं जिसमें ब्याज दर पर निर्णय लिया जाएगा।


आज की तेजी पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

इंडिपेंडेंट एनालिस्ट अजय बग्गा ने इस तेजी का श्रेय 18 सितंबर को FOMC की बैठक के दौरान अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना को दिया है। बग्गा ने कहा कि सीजनल कारणों से सितंबर की सतर्क शुरुआत के बाद निवेशक EM में अपना एलोकेशन बढ़ाना शुरू कर रहे हैं। मजबूत डोमेस्टिक इनफ्लो के साथ यह बदलाव भारत के इक्विटी बाजार में मोमेंटम को बढ़ावा दे रहा है।

मेहता इक्विटीज के एनालिस्ट्स प्रशांत तापसे ने कहा कि हालांकि यूएस CPI डेटा आक्रामक फेड रेट कटौती के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन हाल के इकोनॉमिक रीडिंग से पता चलता है कि अमेरिका को आगे चलकर ग्रोथ में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, और इसलिए फेड बेंचमार्क दरों में कटौती करने का विकल्प चुन सकता है।

चीन में डिफ्लेशन का जोखिम

इससे पहले, ब्लूमबर्ग ने बताया था कि चीन इस महीने खपत को बढ़ावा देने के लिए $5 ट्रिलियन के मॉर्गेज पर ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। कुछ चीनी बैंक 50 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की तैयारी कर रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य चीन के घरेलू वित्तीय बोझ को कम करना है क्योंकि घरेलू खर्च कमजोर है और डिफ्लेशन का जोखिम बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के 5% के ग्रोथ टारगेट को चूकने और स्टॉक मार्केट सेंटीमेंट में गिरावट के बारे में भी चिंता बढ़ रही है।

ग्लोबल मार्केट्स में भी तेजी आई है, हालांकि अमेरिका में मुद्रास्फीति की रिपोर्ट उम्मीद से थोड़ी ज़्यादा रही है। कुछ अमेरिकी ट्रेडर्स 2024 के अंत तक फेड की ब्याज दरों में लगभग 100 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत 17-18 सितंबर को होने वाली अगले सप्ताह की बैठक से होगी।

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