शेयर बाजार में शुक्रवार, 10 जुलाई को लगातार दूसरे दिन तेजी का आलम है। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 846 अंक तक चढ़ गया। इसके पीछे IT शेयरों में खरीदारी, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट, एशियाई बाजारों की तेजी जैसे कई फैक्टर हैं। सेंसेक्स की ओपनिंग हरे निशान में 77,395.63 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से 846.26 अंक से ज्यादा चढ़कर 77,588.08 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी बढ़त के साथ 24,124.70 पर खुला और फिर 263.25 अंक उछलकर 24,226.05 के हाई तक गया।
गुरुवार को सेंसेक्स 238.22 अंक या 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,741.82 पर और निफ्टी 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार की तेजी के अहम कारण...
US-ईरान युद्ध के समाधान की उम्मीद
गुरुवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ मसलों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है और हालिया तनाव के बावजूद तकनीकी बातचीत जारी है। इस खबर से भू-राजनीतिक मोर्चे पर तनाव बढ़ने की चिंता कम हुई है, जिससे बाजार को सहारा मिला है।
TCS के शेयरों में 3% से ज्यादा की बढ़त के बाद निफ्टी IT इंडेक्स में जबरदस्त तेजी है। यह 3% तक चढ़ गया। TCS के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है।
TCS का जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.61% की बढ़ोतरी के साथ ₹13,349 करोड़ रहा। कंपनी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित मांग में मौजूदा तिमाही में सुधार की उम्मीद है।
एशियाई बाजार बढ़त में हैं। इसका असर भी देश के शेयर बाजार पर है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 4% से ज्यादा चढ़ा है, जापान का निक्केई 225 1.91% बढ़ा है। इसी तरह शंघाई का SSE कंपोजिट 0.76% और हांगकांग का हैंग सेंग 1.73% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत 76.19 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद, तेल की कीमतों में नरमी है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए इसलिए अच्छी हैं क्योंकि देश अपनी तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। सस्ते तेल से आयात लागत कम होती है, महंगाई का दबाव घटता है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट मजबूत होता है।
रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 15 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.32 पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से घरेलू मुद्रा को बल मिला। रुपया गुरुवार को एक पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.47 पर बंद हुआ था।
बाजार में अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX, लगभग 6 प्रतिशत तक गिरकर 12.63 पर आ गया। इंडिया VIX में गिरावट का मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीदें कम हो रही हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।