Stock market : सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कंसोलिडेशन का मूड देखने को मिल रहा है। निफ्टी हल्के दबाव के साथ 25700 के आसपास कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी और मिडकैप फ्लैट नजर आ रहे हैं। वहीं स्मॉलकैप आज आउटपरफॉर्म कर रहा है। मेटल शेयरों में जोरदार चमक दिख रही है। निफ्टी मेटल इंडेक्स में एक फीसदी ऊपर करारोबार कर रहा है। 3 से 4 फीसदी उछलकर टाटा स्टील और हिंडाल्को निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। सरकारी, डिफेंस और कैपिटल मार्केट की कंपनियों में भी अच्छी रौनक है। लेकिन इ्ंफोसिस के नतीजों से पहले IT सेक्टर पर दबाव देखने को मिल रहा है। रियल्टी इंडेक्स भी नीचे दिख रहा है।
BCCL (भारत कोकिंग कोल) के IPO को जोरदार रिस्पॉन्स से कोल इंडिया का जोश हाई है। ये शेयर एक महीने में 14 फीसदी उछला है। भारत कोकिंग कोल का IPO 147 गुना से ज्यादा भरा है।
आज इंफोसिस के तीसरी तिमाही के नतीजे आएंगे, कंपनी का डॉलर रेवेन्यू फ्लैट रह सकता है। मार्जिन पर हल्का दबाव संभव है। वहीं वायदा में शामिल HDFC AMC और यूनियन बैंक के भी नतीजे आज ही आने वाले हैं।
आज इन अहम स्तरों पर रहे नजर
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के शॉर्ट टर्म में 25,450–26,000 की रेंज में रहने की उम्मीद है। इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेक से एक पक्का डायरेक्शनल मूव मिल सकता है। अगर इंडेक्स 25,600 (100-डे EMA) से नीचे जाता है तो 25,450 तक गिरावट संभव है। हालांकि, 25900 (50-डे EMA) से ऊपर एक मजबूत मूव साइकोलॉजिकल 26,000 ज़ोन का रास्ता खोल सकता है। वहीं, बैंक निफ्टी को 60,000–60,100 की ओर बढ़ने के लिए 59,800 से ऊपर एक मजबूत क्लोजिंग देनी होगी। हालांकि, इस लेवल से नीचे बने रहने पर बैंकिंग इंडेक्स कंसोलिडेशन मोड में रह सकता है। इसके लिए 59,300–59,200 पर सपोर्ट है।
वेव्स स्ट्रेटेजी एडवाइजर्स के संस्थापक और CEO आशीष क्याल का कहना है कि हफ़्ते की शुरुआत में, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बढ़ती उम्मीदों के कारण निफ्टी ने 25,500 के लेवल से अच्छी रिकवरी की। हालांकि, पिछले सेशन में, इंडेक्स इस तेज़ी को जारी नहीं रख पाया और हफ़्ते की F&O एक्सपायरी के चलते ज़्यादा वोलैटिलिटी के साथ एक रेंज में बना रहा। निफ्टी ने 25,500 के सपोर्ट को सफलतापूर्वक बचाया और अब इस लेवल के पास कंसोलीडेट हो रहा है।
IT कंपनियों से मिले अपडेट के बाद IT से जुड़े शेयरों में तेज़ी आई, जिससे निफ्टी को और गिरने से रोकने में मदद मिली। इस बीच,डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव जैसी अहम ग्लोबल घटनाओं के कारण तेज़ी की रफ्तार सीमित रही। कई ट्रिगर्स होने के कारण यह हफ़्ता अहम बना हुआ है। अगले दो ट्रेडिंग सेशन महीने के बाकी दिनों के लिए दिशा तय कर सकते हैं।
जब तक हमें किसी भी दिशा में रेंज ब्रेक नहीं दिखता, तब तक चल रहे अर्निंग्स सीज़न के कारण स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन की उम्मीद है। निफ्टी में 25,470 के लेवल से नीचे ब्रेक होने पर और सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है, जबकि 26,070 या उससे ऊपर जाने के लिए खरीदारी में दिलचस्पी फिर से जगाने के लिए 25,940 से ऊपर ब्रेक होना ज़रूरी है।
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