Stock Market Volatile: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में काफी सुस्ती छाई हुई है। डे-हाई से सेंसेक्स 354 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24200 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी सुस्ती छाई हुई है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग फ्लैट हैं। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स 92.65 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 77,380.29 और निफ्टी 15.20 प्वाइंट्स यानी 0.06% की फिसलन के साथ 24,192.55 पर है।
इंट्रा-डे में सेंसेक्स 222.03 प्वाइंट्स चढ़कर 77,694.97 तक पहुंचा था जिससे यह फिर 353.84 प्वाइंट्स गिरकर 77,341.13 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 89.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,297.45 तक पहुंचा था जिससे यह 116.20 प्वाइंट्स टूटकर 24,181.25 तक आ गया।
Stock Market Volatile: ये है वजह
आज सेंसेक्स और बैकेंक्स समेत बीएसई के सभी इंडेक्सेज के मंथली डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर असर दिख रहा है।
फिलहाल किसी भी सेक्टर में अच्छी रौनक नहीं है और सभी के निफ्टी इंडेक्स में या तो हल्की उठा-पटक है या आधे फीसदी से कम। निफ्टी ऑटो में फिलहाल करीब आधे फीसदी की गिरावट है तो निफ्टी पीएसयू बैंक भी लाल है।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में तेजी से मार्केट पर दबाव पड़ा। फिलहाल यह 3.24% के उछाल के साथ 10.91 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
लगातार चौथे कारोबारी दिन कच्चे तेल की फिसलन से मार्केट को सपोर्ट मिला है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड टूटकर प्रति बैरल $81 के करीब आ गया है।
बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में बिकवाली से अधिक खरीदारी की। तीन दिनों में विदेशी निवेशकों ने ₹3,277.82 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की जिसमें से ₹502.63 करोड़ के शेयर तो 26 अगस्त को खरीदे। वहीं बुधवार 26 अगस्त को DIIs (घरेलू संस्थागत निवेशकों) ने ₹6,425.16 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।
ब्रोकरेज फर्म बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए। इस स्तर के ऊपर जाने यानी ब्रेकआउट से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म में इसे 24,000-23,800 के लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।