Stock Markets: फॉरेन इनवेस्टर्स की भारत में वापसी, US डील के बाद 2 अरब डॉलर का निवेश

Stock Markets: गोल्डमैन सैक्स के ग्लोबल ईएम इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट सुनील कौल ने कहा कि यूएस से डील के बाद हमने भारत में 2 अरब डॉलर का इनफ्लो देखा है। इसके मुकाबले फॉरेन इनवेस्टर्स ने सितंबर 2024 के मार्केट के पीक के बाद भारतीय बाजार में 30 अरब डॉलर की बिकवाली की थी

अपडेटेड Feb 18, 2026 पर 1:33 PM
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सुनील कौल ने कहा कि उभरते बाजारों के लिए यह समय अनुकूल है।

Stock Markets: अमेरिका से ट्रेड डील के बाद फॉरेन इनवेस्टर्स का रुख बदला है। उन्होंने अमेरिका से डील के ऐलान के बाद भारत में 2 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश किया है। गोल्डमैन सैक्स के ग्लोबल ईएम इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट सुनील कौल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कम से कम यूएस से डील के बाद हमने भारत में 2 अरब डॉलर का इनफ्लो देखा है। इसके मुकाबले फॉरेन इनवेस्टर्स ने सितंबर 2024 के मार्केट के पीक के बाद भारतीय बाजार में 30 अरब डॉलर की बिकवाली की थी।

यूएस डील के बाद भारत में बढ़ी इनवेस्टर्स की दिलचस्पी

उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी पर भी ब्रेक लग गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि रुपये में कमजोरी फॉरेन इनवेस्टर्स की बिकवाली की सबसे बड़ी वजह नहीं थी। रुपये में कमजोरी की कई वजहें थीं। इनमें गोल्ड का बढ़ता आयात और व्यापार को लेकर अनिश्चितता का बड़ा हाथ था। उन्होंने कहा कि भारत में क्लाइंट्स की दिलचस्पी बढ़ी है। अमेरिका से ट्रेड डील के बाद यूरोप और अमेरिकी क्लाइंट्स की दिलचस्पी भारत में बढ़ी है।


ज्यादा घरेलू माांग वाले मार्केट्स में निवेश करना चाहते हैं इनवेस्टर्स

कौल का मानना है कि कई क्लाइंट्स यूएस डील में देरी को भारतीय शेयर बाजार के लिए बाधा के रूप में देख रहे थे। उनके मुताबिक, उभरते बाजारों के लिए यह समय अनुकूल है। उभरते बाजारों में इक्विटी फंडों में इस साल अच्छा निवेश हो रहा है। इसका कुछ हिस्सा भारत में भी आना चाहिए। इसके अलावा ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव के बीच इनवेस्टर्स उन मार्केट्स में निवेश करना चाहते हैं, जिनमें घरेलू मांग की ज्यादा हिस्सेदारी है। भारत इस लिहाज से अट्रैक्टिव है।

आने वाले महीनो में FIIs निवेश बढ़ने की संभावना

उन्होंने कहा कि अमेरिका से डील और टैरिफ घटने से एक्सपोर्ट्स के लिए अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। गोल्डमैन सैक्स ने इस साल के बाकी पीरियड के लिए करेंट अकाउंट के आउटलुक को बेहतर किया है। कौल का मानना है कि करेंसी में कमजोरी इनवेस्टर्स के लिए अब मसला नहीं है। उनके मुताबिक, करेंसी में स्टैबिलिटी, एक्सटर्नल बैलेंस में इम्प्रूवमेंट और फेवरेबल ग्लोबल ईएम साइकिल की वजह से आने वाले महीनों में भारतीय बाजारों में विदेश निवेश बढ़ने की संभावना है।

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फिलहाल मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी

फिलहाल, मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है। 18 फरवरी को मार्केट कमजोर खुले। उसके बाद बिकवाली दबाव बढ़ गया। दोपहर में मार्केट के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में आ गए। 1:06 बजे निफ्टी 14 अंक चढ़कर 25,740 पर चल रहा था, जबकि सेंसेक्स 42 अंक चढ़कर 83,501 अंक चल रहा था। टाटा स्टील में 2.95 फीसदी, पीएनबी में 2.95 फीसदी, आईटीसी 1.97 फीसदी और केनरा बैंक में 2.60 फीसदी की तेजी दिखी।

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