मार्केट अब बड़े इवेंट से कुछ सेशंस दूर रह गया है। स्मार्ट मनी की नजरें चुनाव के बाद निवेश के मौकों पर है। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसे उभरते बाजारों में कोरिया और ताइवान के साथ इंडिया पसंद है। लेकिन, उसे अपनी रिपोर्ट में लोकसभा चुनावों के नतीजों का जिक्र नहीं किया है। उधर, ब्रोकिंग फर्म जेफरीज ने अपने न्यूज लेटर ग्रीन एंड फियर में कहा है कि घरेलू फंड मैनेजर्स को कैपिटल गेंस टैक्स में बदलाव की चिंता सता रही है।
पिछले हफ्ते ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि बड़ी संख्या में एल्गो ट्रेडिंग फर्में ऑप्शंस पर दांव लगा रही हैं। उन्हें चुनाव (Lok Sabha Elections results) के नतीजों के बाद मार्केट के सीमित दायरे में चढ़ने-उतरने का अनुमान है। यह कुछ बड़े और छोटे निवेशकों की उस सोच से बिल्कुल अलग है, जिसमें यह अंदाजा लगाया गया है कि अगर बीजेपी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहता है तो मार्केट में बड़ा उछाल आएगा। अगर बीजेपी का प्रदर्शन कमजोर रहता है तो मार्केट क्रैश कर जाएगा।
बड़ा सवाल है कि उम्मीद से बेहतर और उम्मीद से कमजोर का मतलब क्या है? मार्केट यह मानकर चल रहा है कि NDA को 400 सीटें मिलने की उम्मीद कम लग रही है। BJP की बड़ी हार की भी उम्मीद नहीं है। चुनाव के नतीजों पर मार्केट के रिएक्शन का अंदाजा लगाना इसलिए भी मुशक्लि है क्योंकि स्मार्ट इनवेस्टर्स का एक वर्ग ऐसा है, जिसका मानना है कि NDA को सामान्य बहुमत मिलना मार्केट के लिए अच्छा है क्योंकि काफी ज्यादा सीटें मिलने की अपनी समस्याएं हैं।
मार्च तिमाही के अच्छे नतीजों के बावजूद Interglobe Aviation के स्टॉक्स में गिरावट आई। बुल्स का मानना है कि घरेलू बाजार में कंपनी की दमदार हिस्सेदारी है। उधर, क्रूड की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। कंपनी स्ट्रेटेजिक पार्टरनरशिप के जरिए इंटरनेशनल मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ब्रोकिंग फर्म MOSL ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में बताया है। उधर, बेयर्स की दलील है कि कंपनी ने FY25 की पहली तिमाही के लिए कमजोर गाइडेंस दिया है, जो चिंता की बात है। InCred Equities के एनालिस्ट ने इस बारे में बताया है। साल दर साल आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़ा है लेकिन तिमाही दर तिमाही आधार पर इसमें गिरावट आई है।
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बीकाजी का प्रॉफिट चौथी तिमाही में तीन गुना उछाल के साथ 116.3 करोड़ रुपये पहुंच गया। बुल्स का मानना है कि Bikaji Foods उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे नए इलाकों में जा रही है। उसका फोकस इन इलाकों में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर है। कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाई है, जिससे इसे कुछ खास इलाकों पर फोकस बढ़ाने में मदद मिलेगी। BoB Capital के विक्रांत कश्यप ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में बताया है। बेयर्स की दलील है कि अगर Blackstone हल्दीराम में बड़ी हिस्सेदारी खरीदती है तो इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससका असर बीकाजी फूड्स के बिजनेस पर पड़ेगा।