निफ्टी 50 ने कोविड के बाद से शानदार ग्रोथ दिखाई है। स्टॉक मार्केट्स के प्रमुख और दूसरे सूचकांकों में जबर्दस्त उछाल आया है। इससे निवेशकों को शेयरों में निवेश से खूब कमाई हुई है। पिछले चार सालों से इंडियन मार्केट में जारी बुल रन के पीछे कई वजहें हैं। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च काफी बढ़ाया है। कंपनियों के प्रॉफिट की ग्रोथ अच्छी रही है। सरकार की पॉलिसी ग्रोथ को बढ़ावा देने वाली रही है। इनका असर स्टॉक मार्केट्स पर पड़ा है। इंडिया में स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनियों की वैल्यूएशन 400 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है। पहली बार लिस्टेड कंपनियों की वैल्यूएनश इस लेवल पर पहुंची है।
यह निफ्टी में तेजी का दूसरा सबसे लंबा चरण है
मार्च 2023 से ही स्टॉक मार्केट्स में तेजी है। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में गजब की तेजी दिखी है। लगातार तेजी के बाद सूचकांक काफी हाई लेवल पर पहुंच गए हैं। ऐसे में कुछ स्थितियां बाजार में आगे बड़ी गिरावट का संकेत दे रही हैं। निफ्टी में यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी रैली है। पिछले दो साल से दिखी तेजी अब भी जारी है। इस दौरान निफ्टी में बड़ी गिरावट नहीं आई है। इससे पहले निफ्टी में सबसे लंबी रैली जुलाई 2016 से अक्टूबर 2018 के बीच दिखी थी। इस दौरान निफ्टी ने 50 फीसदी रिटर्न दिया था।
मार्च 2023 के बाद से मार्केट में बड़ी गिरावट नहीं
इस बार की निफ्टी की तेजी बड़े बेस पर आई है। निफ्टी जून 2022 के अपने लो लेवल से 50 फीसदी चढ़ चुका है। पिछले कुछ महीनों में निफ्टी में हल्की गिरावट आई है। मार्च 2023 के बाद से कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है। एकमात्र बड़ी गिरावट पिछले साल अक्टूबर में आई थी। निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स का भी यही हाल है। आम तौर पर इसमें निफ्टी और सेंसेक्स के मुकाबले ज्यादा उतारचढ़ाव दिखता है।
एक साल में निफ्टी का 25 फीसदी रिटर्न
जून 2022 में बेयर मार्केट के अपने लो लेवल के मुकाबले निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स करीब दोगुना हो गया है। यह निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स में दूसरी लंबी तेजी है, जब इस दौरान 20 फीसदी की गिरावट नहीं दिखी है। इसमें से ज्याादतर तेजी बीते 12 महीनों में आई है। बीते एक साल में निफ्टी 25 फीसदी चढ़ा है। यह कई उभरते और विकसित देशों के स्टॉक एक्सचेंजों के सूचकांकों की तेजी से ज्यादा है। सिर्फ अमेरिकी स्टॉक मार्केट के एसएंडपी 500 और नैस्डेक का रिटर्न निफ्टी के एक साल के रिटर्न के बराबर रहा है।
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जीडीपी और स्मॉलकैप-मिडकैप शेयरों का रेशियो रिकॉर्ड ऊंचाई पर
शेयरों में आई तेजी की बदौलत जीडीपी और स्मॉल एंड मिडकैप स्टॉक्स का रेशियो 2024 में 52 फीसदी के हाई पर पहुंच गया। यह पिछले 47 फीसदी रिकॉर्ड हाई के मुकाबले ज्यादा है, जो 2003-07 में मार्केट रैली में देखने को मिला था। यह 29 फीसदी के लंबी अवधि के औसत के मुकाबले काफी ज्यादा है। इंटरेस्ट रेट में हो रही देर का असर इस रैली पर पड़ सकता है।