Get App

Stock Markets: क्या मार्केट में यह तेजी रिटेल इनवेस्टर्स के गले का फंदा बन सकती है?

Stock Markets: स्टॉक एक्सचेंजों के डेटा के मुताबिक, इस साल मई में मार्केट में इनवेस्टर्स का पार्टिसिपेशन सबसे ज्यादा रहा। पिछले महीने मार्केट के दोनों प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty अपने ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंच गए थे। हालांकि, उसके बाद से मार्केट्स में कंसॉलिडेशन देखने को मिला है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 09, 2025 पर 3:35 PM
Stock Markets: क्या मार्केट में यह तेजी रिटेल इनवेस्टर्स के गले का फंदा बन सकती है?
इस साल फरवरी में ADT गिरकर 15 महीने के लो लेवल पर पहुंच गया था। उसके बाद से इसमें इजाफा देखने को मिला।

स्टॉक मार्केट्स की चाल का सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन, मार्केट्स से जुड़े कुछ डेटा हैं, जिनसे कुछ-कुछ अंदाजा लगाना मुमिकन होता है। मार्केट में कारोबारी वॉल्यूम का डेटा इनमें से एक है। इसे एवरेज डेली टर्नओवर (एडीटी) कहा जाता है। एनालिस्ट्स इस डेटा पर खास नजर रखते हैं। मार्केट की चाल का अंदाजा लगाने के लिए बीएसई और एनएसई दोनों ही एक्सचेंचों के डेटा काफी अहम हैं। सवाल है कि यह एडीटी क्या संकेत दे रहा है?

मार्केट में तेजी के दौरान एडीटी बढ़ता है

Stock Markets में तेजी के दौरान ADT आम तौर पर बढ़ जाता है। इसकी वजह यह है कि तेजी में इनवेस्टर्स मार्केट में ज्यादा दिलचस्पी दिखात हैं। जब मार्केट गिरता है तो ठीक इसके उलट होता है यानी एडीटी घट जाता है। अगर मार्केट में तेजी के दौरान भी एडीटी में कमी देखने को मिलती है तो इसे मार्केट में कमजोरी का संकेत माना जाता है। अगर तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम यानी एडीटी भी बढ़ता है तो इसका मतलब है कि मार्केट में स्ट्रेंथ है।

मई में रिटेल इनवेस्टर्स का पार्टिसिपेशन सबसे ज्यादा

सब समाचार

+ और भी पढ़ें