ईरान और इजरायल के बीच की लड़ाई 13 जून को भड़क गई। दोनों देश खुलकर आमने-सामने आ गए। मिडिल-ईस्ट में टेंशन चरम पर पहुंच गया। इसका असर सप्लाई चेन पर भी पड़ा। इससे ग्लोबल इकोनॉमिक की ग्रोथ को झटका लगा। सबसे बड़ा संकट तब सामने आया जब ईरान की संसद ने हॉर्मुज की खाड़ी को बंद करने का प्रस्ताव पारित किया। दरअसल, यह ईरान के हाथ में बड़ा हथियार था। ईरान के इस फैसले ने पूरी दुनिया को चिंतित कर दिया। हालांकि, निफ्टी 50 पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।
