दुनियाभर के स्टॉक मार्केट्स में बड़ी गिरावट, चीन का बाजार सबसे ज्यादा फिसला

सबसे ज्यादा गिरावट चीन के शेयर बाजार में आई। दरअसल, पूरे चीन में कोविड-19 का संक्रमण फैलने के डर से शेयर बाजारों में बहुत ज्यादा बिकवाली हुई। लोगों को चीन की राजधानी बीजिंग में फिर से सख्ती शुरू होने का डर है। इस वजह से शंघाई एसई कंपोजिट 5.13 फीसदी गिर गया

अपडेटेड Apr 25, 2022 पर 4:21 PM
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चीन में दर्जनों शहर पूरी या आंशिक लॉकडाउन में हैं। इसका असर सप्लाई और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ा है। चीन के इस साल 5.5 फीसदी ग्रोथ के टारगेट को हासिल करने को लेकर संदेह पैदा हो गया है।

सोमवार का दिन दुनियाभर के बाजारों के लिए बहुत खराब रहा। यूरोप से लेकर एशिया तक के स्टॉक मार्केट्स में बड़ी गिरावट आई। इधर, इंडिया में भी बीएसई का सेंसेक्स 1 फीसदी से ज्यादा गिर गया। सबसे ज्यादा गिरावट चीन के स्टॉक एक्सचेंज में आई। अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट में वृद्धि और चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों को इस गिरावट का कारण माना जा रहा है।

फ्रांस के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। CAC 40 इंडेक्स 2.18 फीसदी गिर गया। फ्रांस में इमैनुअल मैक्रां के दोबारा राष्ट्रपति बनने की खबर मार्केट को गिरने से बचाने में नाकाम रही। इंग्लैंड का FTSE 100 2.15 फीसदी लुढ़क गया। शुक्रवार को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में आई गिरावट का असर भी दुनिया भर के बाजारों पर पड़ा।

सबसे ज्यादा गिरावट चीन के शेयर बाजार में आई। दरअसल, पूरे चीन में कोविड-19 का संक्रमण फैलने के डर से शेयर बाजारों में बहुत ज्यादा बिकवाली हुई। लोगों को चीन की राजधानी बीजिंग में फिर से सख्ती शुरू होने का डर है। इस वजह से शंघाई एसई कंपोजिट 5.13 फीसदी गिर गया। ब्लूचिप सीएसआई300 में 4.9 फीसदी गिरावट आई। चीन की करेंसी युआन भी डॉलर के मुकाबले गिरकर एक महीना के निचले स्तर पर आ गई है।


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चीन में दर्जनों शहर पूरी या आंशिक लॉकडाउन में हैं। इसका असर सप्लाई और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ा है। चीन के इस साल 5.5 फीसदी ग्रोथ के टारगेट को हासिल करने को लेकर संदेह पैदा हो गया है। दरअसल, लोगों को फिर से लॉकडाउन का डर सता रहा है। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स गिरकर 3,000 अंक के नीचे आ गया है। इस लेवल को चाइनीज इनवेस्टर्स के लिए मनोवैज्ञानिक सपोर्ट लेवल माना जाता है।

जापान में निक्केई में भी छह हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट आई। यह 1.9 फीसदी गिरकर 26,590 अंक पर बंद हुआ। 11 मार्च के बाद फीसदी में यह सबसे ज्यादा गिरावट है। फास्ट रिटेलिंग में 5.27 फीसदी और सॉफ्टबैंक में 7.8 फीसदी गिरावट का असर निक्केई पर पड़ा। डायकिन इंडस्ट्रियल 3.36 फीसदी लुढ़क गया। निसान मोटर्स 5.05 फीसदी लुढ़क गया।

अमेरिका में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन ने इंट्रेस्ट रेट में आधा फीसदी वृद्धि का संकेत दिया है। इससे बाजार में डर का माहौल है। माना जा रहा है कि अगले महीने के पहले हफ्ते में फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में आधा फीसदी की वृद्धि कर सकता है। अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने का असर उभरते बाजारों पर ज्यादा पड़ने की उम्मीद है। इन बाजारों में बिकवाली बढ़ सकती है।

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