Stockal Scam: एक और निवेशक को ₹9.43 करोड़ का नुकसान, बिना मंजूरी अमेरिकी शेयर बेचने का आरोप
Stockal Securities से जुड़े कथित स्कैम में एक और बड़ा मामला सामने आया है। एक निवेशक के भाई का दावा है कि करीब ₹9.43 करोड़ का नुकसान हुआ। Apple, Tesla समेत अमेरिकी शेयर बेचकर पेनी स्टॉक ZBAO में निवेश किया गया। जानिए डिटेल।
प्रभावित निवेशकों का आरोप है कि 15 अक्टूबर को उनके अकाउंट में बिना अनुमति एक्सेस किया गया।
Stockal Securities से जुड़े कथित स्कैम में एक और निवेशक का मामला सामने आया है। एक निवेशक का दावा है कि उनके भाई को करीब 10 लाख डॉलर यानी ₹9.43 करोड़ का नुकसान हुआ है। आरोप है कि उनके अकाउंट में बिना अनुमति ट्रेडिंग की गई। इसके साथ ही अमेरिकी कंपनियों के शेयर भी बेच दिए गए।
पीड़ित के भाई ने पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर Moneycontrol को बताया कि इस घटना के बाद से उनका भाई डिप्रेशन में है। परिवार उसकी सेहत को लेकर चिंतित है। अब परिवार नुकसान से राहत पाने के लिए आगे के कदमों पर विचार कर रहा है।
क्या है Stockal Securities?
Stockal Securities बेंगलुरु की फिनटेक कंपनी है। यह SEBI में रजिस्टर्ड है। इसके प्लेटफॉर्म से भारतीय निवेशक अमेरिकी शेयर, ETF और दूसरे विदेशी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकते हैं।
कंपनी निवेशकों को अकाउंट में पैसे डालने, ट्रेडिंग करने और पोर्टफोलियो ट्रैक करने की सुविधा देती है। अमेरिकी शेयरों में ट्रेडिंग और कस्टडी के लिए यह DriveWealth LLC जैसे ब्रोकर के साथ काम करती है।
3 नवंबर को Moneycontrol ने रिपोर्ट किया था कि Stockal Securities से जुड़े कथित अनधिकृत ट्रेड के कारण करीब 30 रिटेल निवेशकों को ₹100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
बिना मंजूरी बेचे गए अमेरिकी कंपनियों के शेयर
प्रभावित निवेशकों का आरोप है कि 15 अक्टूबर को उनके अकाउंट में बिना अनुमति एक्सेस किया गया। इसके बाद अमेरिकी कंपनियों के शेयर बेच दिए गए। इससे निवेशकों के पोर्टफोलियो को भारी नुकसान हुआ।
इनमें से कई निवेशकों को Stockal से HDFC Securities के जरिए जोड़ा गया था। HDFC Securities ने 2019 में Stockal के साथ साझेदारी कर globalinvesting.in लॉन्च किया था। हालांकि, दोनों कंपनियों की ग्लोबल इन्वेस्टिंग साझेदारी जुलाई 2024 में खत्म हो गई थी।
एक निवेशक के भाई ने बताया कि उनके भाई को HDFC Securities ने Stockal से नहीं जोड़ा था। लेकिन Stockal में HDFC Securities की हिस्सेदारी होने के कारण प्लेटफॉर्म पर भरोसा बढ़ा था।
Apple, Tesla समेत 10 शेयर बेचकर खरीदे ZBAO के 3 लाख शेयर
प्रभावित निवेशकों में भारत की एक बड़ी बेवरेज कंपनी के सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने Moneycontrol को बताया कि उनके 10 बड़े अमेरिकी शेयर बिना मंजूरी बेच दिए गए। इन शेयरों में Apple, Tesla, Amazon, Alphabet, Nvidia और AMD शामिल थे। इनकी कुल बिक्री $335,768 में हुई।
इसके बाद पूरी रकम से चीनी कंपनी Zhibao Technology Inc. (ZBAO) के 3 लाख शेयर खरीदे गए। यह खरीद भी कथित तौर पर बिना अनुमति की गई। शेयर औसतन $1.05 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे गए। इसके बाद ZBAO के शेयर में करीब 60% गिरावट आई। 23 अक्टूबर को यह शेयर $0.42 पर बंद हुआ।
Stockal ने सिस्टम में सेंधमारी से किया इनकार
Moneycontrol की रिपोर्ट के बाद Borderless Investing ने 4 नवंबर को अपना पक्ष रखा। कंपनी ने कहा कि उसकी जांच में प्लेटफॉर्म, इंटरफेस, इंफ्रास्ट्रक्चर या आंतरिक सिस्टम में सेंधमारी का कोई सबूत नहीं मिला है।
कंपनी ने सिस्टम की जांच के लिए स्वतंत्र साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को नियुक्त किया है। उसका कहना है कि प्रभावित अकाउंट होल्डर्स सोशल इंजीनियरिंग हमले का शिकार हो सकते हैं। यह हमला किसी दूसरी कंपनी के डेटा ब्रीच में सामने आई जानकारी के जरिए हुआ हो सकता है। हालांकि, इस कनेक्शन की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
कंपनी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को भारतीय समय के अनुसार उसके अमेरिकी ब्रोकरेज और कस्टडी पार्टनर DriveWealth ने 13 ग्राहक अकाउंट में अनधिकृत ट्रेडिंग की जानकारी दी थी। यह गतिविधि 15 अक्टूबर को अमेरिकी बाजार के दौरान हुई थी। इसके बाद इन अकाउंट्स का एक्सेस रोक दिया गया।
Borderless Investing ने कहा कि एक अनधिकृत तीसरे पक्ष ने वैध लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए 26 ग्राहक अकाउंट्स में पहुंच बनाई। इनमें से 13 अकाउंट में अमेरिकी बड़ी कंपनियों के शेयर बेचकर रकम कम कारोबार वाले माइक्रोकैप शेयरों में लगाई गई। कंपनी की अब तक की जांच में किसी फंड को निकाले जाने का मामला सामने नहीं आया है।
Stockal ने जिम्मेदारी लेने से किया इनकार
Stockal ने अनधिकृत गतिविधियों के लिए किसी भी तरह की जिम्मेदारी, गलत काम या लापरवाही से इनकार किया है। कंपनी ने कहा कि वह प्रभावित ग्राहकों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, घटना के तथ्यों और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।