लोकसभा चुनावों से पहले कैसी रहती है Nifty और Bank Nifty की चाल, किन स्टॉक्स में दिखता है दम?

Goldman Sachs की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सात लोकसभा चुनावों में से चार में मतदान से पहले के 6 महीनों में Nifty 50 में 10 फीसदी से तेजी देखने को मिली। हालांकि, इस बार स्टॉक मार्केट्स की तस्वीर अलग है। विदेशी संस्थागत निवेशक इंडियन मार्केट्स को महंगा मान रहे हैं। JM Financial Services ने पिछले पांच लोकसभा चुनावों का एनालिसिस किया है। इसके नतीजे बताता है कि चुनावों से पहले निफ्टी में तेजी देखने को मिलती है

अपडेटेड Nov 03, 2023 पर 2:41 PM
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Bank Nifty में चार बार तेजी देखने को मिली। इस दौरान इसका एवरेज रिटर्न 25.5 फीसदी रहा। 2009 को छोड़ बाकी सभी चुनावों से पहले बैंक निफ्टी का प्रदर्शन Nifty के मुकाबले बेहतर रहा। 2004 के चुनावों से पहले के 6 महीनों में निफ्टी ने सबसे कम 8.7 फीसदी रिटर्न दिया था।

अगले लोकसभा चुनावों में कुछ महीने बाकी रह गए हैं। चुनावों से पहले स्टॉक्स मार्केट्स की चाल से राजनीतिक और आर्थिक माहौल का अंदाजा लगाने में मदद मिलती है। इस दौरान स्टॉक मार्केट्स में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। चुनावी नतीजों को लेकर निवेशक अलग-अलग अंदाजा लगाते हैं। उन्हें पॉलिसी में बदलाव का डर भी रहता है। Goldman Sachs की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सात लोकसभा चुनावों में से चार में मतदान से पहले के 6 महीनों में Nifty 50 में 10 फीसदी से तेजी देखने को मिली। हालांकि, इस बार स्टॉक मार्केट्स की तस्वीर अलग है। विदेशी संस्थागत निवेशक इंडियन मार्केट्स को महंगा मान रहे हैं। JM Financial Services ने पिछले पांच लोकसभा चुनावों का एनालिसिस किया है। इसके नतीजे बताता है कि चुनावों से पहले निफ्टी में तेजी देखने को मिलती है। पांचों बार चुनाव से पहले के 6 महीनों में निफ्टी में तेजी रही। इस दौरान निफ्टी का औसत रिटर्न 21 फीसदी रहा।

Bank Nifty का प्रदर्शन निफ्टी से बेहतर

Bank Nifty में चार बार तेजी देखने को मिली। इस दौरान इसका एवरेज रिटर्न 25.5 फीसदी रहा। 2009 को छोड़ बाकी सभी चुनावों से पहले बैंक निफ्टी का प्रदर्शन Nifty के मुकाबले बेहतर रहा। 2004 के चुनावों से पहले के 6 महीनों में निफ्टी ने सबसे कम 8.7 फीसदी रिटर्न दिया था। सबसे ज्यादा 36 फीसदी रिटर्न इसने 1999 के चुनावों से पहले दिया था। Bank Nifty ने सबसे कम 17 फीसदी रिटर्न 2019 में दिया था। सबसे ज्यादा 37.4 फीसदी रिटर्न इसने 2014 के चुनावों से पहले के 6 महीनों में दिया था।


बैंकिंग शेयरों ने दिए ज्यादा रिटर्न

JM Financial ने चुनाव से पहले के 6 महीनों में शेयरों और सेक्टर के प्रदर्शन के ट्रेंड का भी पता लगाने की कोशिश की है। इसके लिए उनसे F&O के 93 स्टॉक्स का एनालिसिस किया, जिनमें 1999 से ट्रेडिंग हो रही है। इसमें यह पाया गया है कि बैंकिंग यानी सरकारी और प्राइवेट बैंकों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। उसके बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रहीं। उसके बाद अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों और सीमेंट कंपनियां रहीं। प्राइवेट बैंक में कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, ICICI Bank, HDFC Bank और Federal Bank के शेयरों का प्रदर्शन चुनावों से पहले के महीनों में अच्छा रहा। सरकारी बैंकों में SBI और Bank of Baroda का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा।

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कच्चे तेल में आती है तेजी

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में IOC, BPCL और HPCL के शेयर पांचों बार चुनावों से पहले मजबूत रहे। पांचों बार Reliance Industries और ONGC के शेयरों में तेजी देखने को मिली। इस दौरान Brent Crude में भी तेजी देखने को मिली। 2009, 2014 और 2019 के दौरान कच्चे तेल में 1-8 फीसदी की तेजी आई। 1999 और 2004 के दौरान कच्चे तेल में क्रमश: 52 फीसदी और 32 फीसदी का उछाल देखने को मिला। सीमेंट सेक्टर में Grasim, Ramco Cement और Ambuja Cement के स्टॉक्स में हर बार तेजी देखने को मिली। 2004 के चुनावों के दौरान India Cements में कमजोरी दिखी थी।

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