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क्वालिटी कंपनियों के स्टॉक्स किसी भी भाव पर अच्छे ही होते हैं, ऐसा नहीं है - Abakkus के सुनील सिंघानिया

Abakkus Asset Management के सुनील सिंघानिया ने कहा कि क्वालिटी कंपनियों के स्टॉक्स हर भाव पर अच्छे नहीं होते हैं। उन्होंने Hindustan Unilever और Asian Paints जैसी कंपनियों का उदाहरण दिया जिनकी विकास दर देश की जीडीपी से भी धीमी रही। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां अभी भी बेहतरीन कारोबार में हो सकती हैं लेकिन जरूरी नहीं कि इनके शेयर निवेश के लिए बेहतरीन स्टॉक भी हों

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Nov 30, 2024 पर 1:13 PM
क्वालिटी कंपनियों के स्टॉक्स किसी भी भाव पर अच्छे ही होते हैं, ऐसा नहीं है - Abakkus के सुनील सिंघानिया
सुनील सिंघानिया ने कहा ने कहा कि क्वालिटी कंपनी पर भले ही कोई निवेशक भविष्य में उसको होनेवाले मुनाफे के अपने आकलन में सही हो, फिर भी घटते P/E रेशियो से उन्हें नुकसान भी हो सकता है

अबक्कस एसेट मैनेजमेंट के संस्थापक सुनील सिंघानिया (Sunil Singhania, founder of Abakkus Asset Management) ने पीएमएस बाजार 7.0 शिखर सम्मेलन (PMS Bazaar 7.0 summit) में कहा, क्वालिटी किसी भी कीमत पर काम नहीं करती है और निवेशक को यह देखना चाहिए कि कंपनी कितनी आय ग्रोथ पेश कर सकती है। उन्होंने बताया कि अतीत में, 'क्वालिटी' के रूप में लेबल किया गया कोई भी स्टॉक फैंसी वैल्यूएशन पर कारोबार करता था। इस नैरेटिव ने निवेशकों को क्वालिटी शेयरों को इस हद तक प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया कि वे भूल गए कि ये जरूरी नहीं कि हर अच्छी क्वालिटी वाली कंपनी का स्टॉक भी उतना ही अच्छा हो। उन्होंने कहा कि वैल्यूएशन कंपनी के रेवन्यू, ऑपरेटिंग मुनाफे और शुद्ध मुनाफे में वृद्धि के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) और एशियन पेंट्स (Asian Paints) जैसी कंपनियों का उदाहरण दिया जिनके स्टॉक्स लगभग 75x से 80x के P/E रेशियो पर कारोबार कर रहे थे। इसे उचित ठहराया जा सकता था अगर ये कंपनियां सालाना 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही होतीं। जबकि उनकी विकास दर देश की जीडीपी से भी धीमी रही।

उन्होंने कहा कि ये कंपनियां अभी भी बेहतरीन कारोबार में हो सकती हैं लेकिन जरूरी नहीं कि इनके शेयर निवेश के लिए बेहतरीन स्टॉक भी हों।

मायने रखता है P/E रेशियो 

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