स्विगी ने 8 मई को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी के लॉस में बड़ी कमी आई है। कंपनी का लॉस घटकर मार्च तिमाही में 800 रुपये पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,081 करोड़ रुपये था। कंपनी के लॉस में कमी में फूड डिलीवरी बिजनेस की अच्छी ग्रोथ का हाथ है।
रेवेन्यू 45 फीसदी बढ़कर 6383 करोड़ रुपये
Swiggy का रेवेन्यू मार्च तिमाही में 45 फीसदी बढ़कर 6,383 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,410 करोड़ रुपये था। कंपनी के एमडी और ग्रुप सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने कहा, "फूड डिलीवरी की ग्रोथ करीब चार सालों में सबसे ज्यादा रही। सालाना एडजस्टेड EBITDA में यह 1,000 करोड़ रुपये के पार हो गया। इससे सेक्टर में स्लोडाउन का अनुमान गलत साबित हुआ है।"
उन्होंने कहा कि कंपनी का मार्जिन भी एक साल पहले के मुकाबले बेहतर रहा। कंपनी ने अपनी क्विक कॉमर्स इकाई को लेकर नपातुला एप्रोच अपना रही है। मजेटी ने कहा, "क्विक कॉमर्स में अगला चरण कंज्यूमर की जरूरत की समझ पर निर्भर करेगा। तिमाही दर तिमाही यूनिट इकोनॉमिक्स में इम्प्रूवमेंट है। स्ट्रॉन्ग बैलेंसशीट से हमें खुद को अनुशासित बनाए रखने में मदद मिलती है। "
ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 68 फीसदी बढ़ी
Instamarat की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) साल दर साल आधार पर 68.8 फीसदी बढ़कर 7,881 करोड़ रुपये रही। 8 मई को स्विगी का शेयर 1.2 फीसदी चढ़कर 282.8 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी ने मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान शेयर बाजार बंद होने के बाद किया। कंपनी के शेयरों पर असर 11 मई को बाजार खुलने पर दिखेगा। इस साल स्विगी का शेयर 27 फीसदी गिरा है।