"शेयर बाजार में अभी 10% मुनाफा लो और निकलो", दिग्गज फंड मैनेजर एस नरेन का नया निवेश फॉर्मूला

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के सीआईओ एस. नरेन का कहना है कि शेयर बाजार में निवेश की कला अब बड़े मुनाफे पर फोकस करने की बजाय रिस्क मैनेजमेंट की झुक गई है। नरेन ने कहा, “अगर हमें किसी शेयर में 10% की तेजी का भरोसा है, तो हम उस 10% तेजी वाले शेयर को भी खरीद सकते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हम काफी बड़ी रकम मैनेज करते हैं।”

अपडेटेड Aug 11, 2025 पर 3:25 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
एस. नरेन, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के सीआईओ

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के सीआईओ एस. नरेन का कहना है कि शेयर बाजार में निवेश की कला अब बड़े मुनाफे पर फोकस करने की बजाय रिस्क मैनेजमेंट की झुक गई है। यानी निवेशक अब बड़े रिस्क लेने की जगह, कम रिस्क के साथ छोटा मुनाफा लेकर निकलने पर अधिक जोर दे रहे हैं। नरेन ने कहा, “अगर हमें किसी शेयर में 10% की तेजी का भरोसा है, तो हम उस 10% तेजी वाले शेयर को भी खरीद सकते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हम काफी बड़ी रकम मैनेज करते हैं।”

नरेन का कहना है कि शेयर बाजार में जारी अस्थिरता के बीच बड़ा मुनाफा कमाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में अब छोटे मुनाफे पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने अपनी बात को निफ्टी के पिछले एक साल के रिटर्न के उदाहरण से समझाया।

उन्होंने कहा, "आप निफ्टी के पिछले एक साल के रिटर्न पर नजर डालिए। यह लोगों की सोच से काफी उलट है।" निफ्टी ने पिछले साल के 11 अगस्त से अब तक, यानी पिछले एक साल में 1 फीसदी से भी कम का रिटर्न दिया है। यह बताता है कि कोविड के बाद के पहले तीन सालों की तुलना में बाजार अब शेयर बाजार काफी कम रिटर्न दे रहा है।


नरेन ने इसे “रिलेटिव वैल्यू इन्वेस्टिंग” बताया है, जहां शेयर बाजार से ऊंचे स्तरों पर बड़े रिटर्न की उम्मीद करना अवास्तविक है। उन्होंने कहा, “जब हम पब्लिक का पैसा मैनेज करते हैं, तो हमें सबसे ज्यादा डर यही रहता है कि हम बड़े नुकसान न करा दें। यही वजह है कि हम बार-बार एसेट एलोकेशन की बात करते हैं।”

गिरावट की संभावना को सीमित रखने की रणनीति बताते हुए नरेन ने कहा कि वे लार्जकैप शेयरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम ऐसा शेयर नहीं खरीदना चाहेंगे जिसमें 20% नीचे और 20% ऊपर जाने की संभावना हो। हम ऐसे शेयर खरीदना पसंद करेंगे जिसमें गिरावट की संभावन कम और तेजी की अधिक हो। इसी वजह से हम लार्जकैप पर फोकस करते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमारा पूरा ढांचा यही है- बाजार गिरे तो खरीदो और चढ़े तो बेचो। अगर कोई अच्छा शेयर नीचे आता है, तो यह हमारे लिए और खरीदने का मौका है।”

उन्होंने याद दिलाया कि समय के साथ निवेश का फोकस बदल गया है। नरेन ने कहा, “अगर आप 2020 में जाएं तो इक्विटी फंड मैनेजमेंट का काम था, तेजी की संभावना ढूंढना। आज यह बदलकर रिस्क मैनेजमेंट बन गया है। हमें सोचना पड़ता है कि क्या गलत हो सकता है?”

निवेशकों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “साल 2012 से अब तक शेयर बाजार में कोई बड़ा गिरावट वाला साल नहीं रहा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बाजार में जोखिम नहीं है। कोविड के बाद शेयर मार्केट अब भारतीय जीवन का हिस्सा बन गया है, लेकिन लोगों को समझना होगा कि यह फिक्स्ड डिपॉजिट या डेट फंड जैसा सुरक्षित एसेट क्लास नहीं है।”

एस. नरेन के साथ मनीकंट्रोल की बातचीत को आप नीचे वीडियो में देख सकते हैं-

यह भी पढ़ें- Share Market Rise: शेयर बाजार में इन 4 वजहों से लौटी रौनक, सेंसेक्स 650 अंक उछला, निफ्टी भी 25,500 के पार

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।