टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स के शेयरों में 17 सितंबर को दिन में 13.5 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर शेयर 831 रुपये के हाई तक गया। बाद में शेयर 6.6 प्रतिशत बढ़त के साथ 780.40 रुपये पर सेटल हुआ। दरअसल टाटा संस के बोर्ड ने चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल 5 साल और बढ़ाने को मंजूरी दी है। साथ ही टाटा संस के IPO की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चंद्रशेखरन का टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर यह तीसरा कार्यकाल होगा।
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले सप्ताह टाटा संस का नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) रजिस्ट्रेशन को खत्म करने का आवेदन खारिज कर दिया था। टाटा संस पिछले एक साल से अधिक समय से शेयर बाजार में लिस्टिंग से बचने की कोशिश कर रही है। इस क्रम में कंपनी ने 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज भी चुकाया है। टाटा संस को RBI ने 2022 में अपर-लेयर NBFC की लिस्ट में शामिल किया था। नियमों के तहत इसे सितंबर 2025 तक लिस्ट होना था।
टाटा संस में इस वक्त टाटा केमिकल्स के पास 2.53 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा टाटा स्टील के पास 3.06 प्रतिशत, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के पास 3.06 प्रतिशत, टाटा पावर के पास 1.65 प्रतिशत, इंडियन होटल्स कंपनी के पास 1.11 प्रतिशत, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के पास 0.43 प्रतिशत और टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के पास 0.08 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
क्यों एन. चंद्रशेखरन को ही फिर चुना Tata Sons चेयरमैन
चंद्रशेखरन ने कुछ सप्ताह पहले बोर्ड से कहा था कि वह अपना दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद चेयरमैन पद पर आगे बने रहने की इच्छा नहीं रखते हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, टाटा संस के बोर्ड के सदस्यों का मत है कि नेतृत्व में निरंतरता से संभावित निवेशकों को भरोसा मिलेगा। कंपनी के आईपीओ लाने की दिशा में बढ़ने पर निवेशक मैनेजमेंट की निरंतरता को लेकर आश्वस्त होना चाहेंगे। इसलिए बोर्ड की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) 63-वर्षीय चंद्रशेखरन से अगस्त में बोर्ड को बताए गए अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहेगी।
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की फिर से नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया, लेकिन प्रस्ताव बहुमत से पास हो गया। टाटा ट्रस्ट और उससे संबद्ध ट्रस्टों के पास टाटा संस की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नोएल टाटा लंबे समय से टाटा संस की लिस्टिंग के खिलाफ रहे हैं। वहीं, टाटा संस में करीब 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला शापूरजी पालोनजी समूह कंपनी की लिस्टिंग के पक्ष में है।
Tata Chemicals का शेयर एक सप्ताह में 30 प्रतिशत चढ़ा
टाटा केमिकल्स का मार्केट कैप बढ़कर 19800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक सप्ताह में लगभग 30 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.98 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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