Tata Group News: टाटा ग्रुप को दिसंबर अंत तक मिल सकता है एन चंद्रशेखरन का उत्तराधिकारी, समूह के अंदर के एग्जिक्यूटिव पर होगा जोर
Tata Group News: टाटा ट्रस्ट्स ने 13 अगस्त को चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक नई कमेटी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बताया जाता है कि गठन के बाद कमेटी को टाटा संस के नए चेयरमैन की तलाश करने में डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है
Tata Group News: टाटा समूह को इस साल के अंत तक एन चंद्रशेखरन का उत्तराधिकारी मिल जाने की उम्मीद है। टाटा ट्रस्ट्स ने 13 अगस्त को टाटा संस के नए चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को इस्तीफे का ऐलान किया था। हालांकि, उन्होंने कहा है कि वह 20 फरवरी, 2027 तक अपना कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे।
कमेटी नए चेयरमैन की तलाश में 2 महीने का समय ले सकती है
टाटा ट्रस्ट्स ने 13 अगस्त को चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक नई कमेटी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि गठन के बाद कमेटी को टाटा संस के नए चेयरमैन की तलाश करने में डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है।
टाटा समूह के अंदर के किसी एग्जिक्यूटिव के चुनाव पर होगा जोर
एक सूत्र ने बताया कि टाटा ट्रस्ट्स का जोर टाटा समूह के अंदर से ही किसी एग्जिक्यूटिव को नया चेयरमैन नियुक्त करने पर रहेगा। इसकी वजह यह है कि ऐसे व्यक्ति को पहले से ग्रुप के कामकाज के तरीके और गवर्नंस स्ट्रक्चर की जानकारी होगी। बाहर से आए व्यक्ति को इन चीजों को समझने में समय लगेगा।
टाटा समूह के इन एग्जिक्यूटिव के नामों पर हो सकता है विचार
टाटा समूह में ऐसे कई एग्जिक्यूटिव हैं, जिनके नामों पर सेलेक्शन कमेटी विचार कर सकती है। इनमें Tata Steel के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन (61 साल) और टाटा पावर के सीईओ एवं एमडी प्रवीर सिन्हा (64 साल) शामिल हैं। सूत्र ने बताया कि कमेटी के पास नए चेयरमैन की तलाश करने के लिए पर्याप्त समय होगा।
नए चेयरमैन की तलाश का काम दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद
मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि इस साल के अंत तक टाटा संस के नए चेयरमैन की तलाश का काम पूरा हो जाने की उम्मीद है। हालांकि, यह तभी होगा जब सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) से जुड़ी कोई कानूनी बाधा नहीं आएगी। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के निर्देश के बाद ट्रस्ट के मीटिंग बुलाने पर रोक है।
एसआरटीटी पर चैरिटी कमिश्नर की रोक का पड़ सकता है असर
टाटा ट्रस्ट्स ने मई में कहा था कि चैरिटी कमिश्नर का यह फैसला एक तरफा था। इस मामले में एसआरटीटी को नोटिस दिए बगैर निर्देश जारी किए गए। उसने यह भी कहा कि उसका मानना है कि यह निर्देश सिर्फ एसआरटीटी के लिए है। हालांकि, इस रोक का असर चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश पर पड़ सकता है, क्योंकि एसआरटीटी दो प्रमुख टाटा ट्रस्ट्स में से एक है।
इससे पहले चेयरमैन की तलाश के लिए दो बार बनी थी कमेटी
इससे पहले टाटा संस ने दो बार अपने चेयरमैन की तलाश करने के लिए पांच सदस्यों वाली कमेटी बनाई थी। अगस्त 2010 में रतन टाटा के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए कमेटी बनी थी। इसमें टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी एनए सूनावाला और शिरीन भड़ूचा, टाटा संस के डायरेक्टर्स आरके कृष्ण कुमार और सायरस मिस्त्री और इंडिपेंडेंट सदस्य लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य शामिल थे।
सायरस मिस्त्री के पद से हटाने के जान बनी थी सर्च कमेटी
सायरस मिस्त्री के 24 अक्तूबर, 2016 को पद से हटाए जाने के बाद नए चेयरमैन की तलाश के लिए फिर एक कमेटी बनाई गई। इसमें पांच सदस्य थे। रतन टाटा कमेटी के प्रमुख थे। इसमें वेणु श्रीनिवासन, अमित चंद्रा, रोनेन सेन और भट्टाचार्य शामिल थे। इस कमेटी ने ए चंद्रशेखरन को टाटा संस का नया चेयरमैन चुना था।
टीसीएस और टाटा स्टील के शेयरों पर दिखा दबाव
14 अगस्त को टाटा समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। 12:15 बजे TCS का शेयर 0.96 फीसदी गिरकर 2,352 रुपये पर चल रहा था। Titan का शेयर 0.18 फीसदी चढ़कर 5,072 रुपये पर चल रहा था। Tata Steel का शेयर 1.24 फीसदी गिरकर 182.55 रुपये पर चल रहा था।
Tata Motors CV का शेयर 0.85 फीसदी चढ़कर 478.90 रुपये पर चल रहा था। टाटा मोटर्स पीवी का शेयर 4.91 फीसदी गिरकर 332 रुपये पर चल रहा था। टाटा कंज्यूमर का शेयर प्राइस 0.41 फीसदी गिरकर 1,086 रुपये पर चल रहा था।