TCS Investment Strategy: एमडी-सीईओ के एकाएक इस्तीफे के बाद शेयर बेच दें या बने रहें, ऐसे बनाएं निवेश की स्ट्रैटजी

TCS Investment Strategy: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के एमडी और सीईओ राजेश गोपीनाथन ने इस्तीफा दे दिया है। यह काफी चौंकाने वाला ऐलान रहा और इसका असर शुक्रवार को कंपनी के शेयरों पर भी दिखा। मजबूत मार्केट सेंटिमेंट में भी यह गिरकर बंद हुआ। ऐसे में निवेश के लिए क्या स्ट्रैटजी अपनाएं, ब्रोकरेज यह सलाह दे रहे हैं

अपडेटेड Mar 18, 2023 पर 12:00 PM
TCS में 6 साल से एमडी और सीईओ की जिम्मेदारी संभालने वाले राजेश गोपीनाथन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद 16 मार्च को के कृतिवासन को कंपनी का एमडी-सीईओ बनाया गया।
     
     
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    TCS Investment Strategy: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के एमडी और सीईओ राजेश गोपीनाथन ने इस्तीफा दे दिया है। यह काफी चौंकाने वाला ऐलान रहा और इसका असर शुक्रवार को कंपनी के शेयरों पर भी दिखा। BSE Sensex कल 17 मार्च को 0.62 फीसदी की बढ़त के साथ 57,989.90 पर बंद हुआ था। वहीं टीसीएस के शेयर 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 3178.95 रुपये के भाव पर बंद हुए थे। इंट्रा-डे में तो यह 3145 रुपये तक फिसल गया था। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को घबराहट में शेयरों को बेचने की बजाय बने रहने की सलाह दी है। घरेलू ब्रोकरेज इस पर दांव लगा रहे हैं और उनके दिए टारगेट के मुताबिक यह स्टॉक मौजूदा लेवल से 20 फीसदी ऊपर यानी 3810 रुपये के भाव तक चढ़ सकता है।

    अब कौन बना TCS का एमडी-सीईओ

    टीसीएस में 6 साल से एमडी और सीईओ की जिम्मेदारी संभालने वाले राजेश गोपीनाथन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद 16 मार्च को के कृतिवासन को कंपनी का एमडी-सीईओ बनाया गया। कृतिवासन इससे पहले कंपनी के प्रेसिडेंट और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (BFSI) बिजनेस ग्रुप के ग्लोबल हेड थे। वह कंपनी में 34 साल से अधिक समय से जुड़े हुए हैं।

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    ब्रोकरेज का क्या कहना है

    आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक नए एमडी-सीईओ के नेतृत्व में ग्राहकों को बढ़ाने और उन्हें जोड़े रखने पर जोर देने का लक्ष्य है जिससे कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ेगा। यूरोप में बढ़ते आउटसोर्सिंग, वेंडर कंसालिडेशन और डील पाइपलाइन के दम पर वित्त वर्ष 2022-25 में कंपनी का रुपये के टर्म में रेवेन्यू 11 फीसदी की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने का अनुमान है। आईसीआईसीआई डायरेक्ट का अनुमान है कि सब-कॉन्ट्रैक्टर कॉस्ट्स के मॉडेरेशन और यूटिलाइजेशन में सुधार के दम पर वित्त वर्ष 2023 से मार्जिन में सुधार हो सकता है। दोहरे अंकों में रिटर्न रेश्यो, तगड़ा कैश जेनेरेशन और हेल्दी पेआउट के अनुमान पर आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने टीसीएस का टारगेट प्राइस 3780 रुपये पर फिक्स किया है।

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    वहीं मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक ब्याज दरों में बढ़ोतरी, सुस्त इकनॉमिक ग्रोथ और वैश्विक स्तर पर बढ़ते राजनीतिक तनाव ने आईटी सेक्टर की दिक्कतें बढ़ाई है लेकिन टीसीएस इससे निपटने में सक्षम है। ब्रोकरेज फर्म ने टीसीएस पर इसके साइज, ऑर्डर बुक और लंबे समय के ऑर्डर्स और पोर्टफोलियो के दम पर दांव लगाया है। ऐसे में मोतीलाल ओसवाल ने इसमें निवेश के लिए 3810 रुपये के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग दी है।

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