Tata group से 23 सितंबर को एक बड़ी खबर आई। टाटा ग्रुप की 7 मेटल कंपनियों का विलय Tata Steel में होगा। टाटा स्टील के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि टाटा समूह अपने होल्डिंग स्ट्रक्चर को आसान बनाने की कोशिश कर रहा है। यह कदम इसी रणनीति का हिस्सा है। इन सात कंपनियों में चार मेटल कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हैं। तीन कंपनियां लिस्टेड नहीं हैं।
Tata Steel Long Products, The Tinplate Company of India, Tata Metaliks और TRF Limited शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। Indian Steel & Wire Products, Tata Steel Mining और S&T Mining Company शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं। लिस्टेड कंपनियों के शेयरधारकों के लिए यह खबर बहुत अहम है। इसकी वजह यह है कि उन्हें अपने शेयरों के एवज में टाटा स्टील के शेयर मिलेंगे।
टाटा स्टील के बोर्ड ने चारों लिस्टेड कंपनियों के शेयरधारकों के लिए स्वॉप रेशियो तय कर दिया है। इसके मुताबिक, टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स के हर 10 शेयर के बदले शेयरधारकों को टाटा स्टील के 67 शेयर मिलेंगे। द टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया के हर 10 शेयर के बदले शेयरधारकों को टाटा स्टील के 33 शेयर मिलेंगे। टाटा मेटालिक्स के हर 10 शेयरों के बदले शेयरधारकों को टाटा स्टील के 79 शेयर मिलेंगे। टीआरएफ के हर 10 शेयरों के बदले शेयरधारक को टाटा स्टील के 17 शेयर मिलेंगे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस विलय से कुछ मेटल कंपनियों के शेयरधारकों को नुकसान होगा। इसमें टीआरएफ लिमिटेड शामिल है। इस शेयर की कीमत में पिछले कुछ दिनों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। पिछले एक महीने में यह शेयर 118 फीसदी चढ़ा है। विलय की खबर आने के बाद इस शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 23 सितंबर को 5 फीसदी गिरावट के बाद इस शेयर में लोअर सर्किट लग गया।
Tata Long Products के शेयरों में पिछले एक महीने में 12 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। 23 सितंबर को यह शेयर 9 फीसदी गिरकर 681 रुपये पर आ गया। Tata Metaliks का शेयर पिछले एक महीने में 8 फीसदी से ज्यादा उछला था। 23 सितंबर को वियल की खबर आने के बाद इसका प्राइस 3 फीसदी से ज्यादा गिरकर 775 रुपये पर आ गया। Tinplate का शेयर पिछले एक महीने में करीब 7 फीसदी चढ़ा था। 23 सितंबर को इसका प्राइस करीब 6 फीसदी गिरकर 318 रुपये पर आ गया।