Tata Motors PV Share Price : रिजल्ट के बाद टाटा मोटर्स PV में रिवर्स गियर लग गया है। आज यह शेयस 5 फीसदी टूटकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। कंपना के लिए JLR का प्रदर्शन अब भी चुनौती बना हुआ है। JLR की रिकवरी दूसरी छमाही में देखने को मिलेगी। Q1 में महंगाई का 4.5% असर रहा। Q2 में 3% असर का अनुमान है। JLR के नए प्रॉडक्ट लॉन्च पर नजरें बनी हुई हैं। गुरुवार को नतीजे आने से पहले टाटा मोटर्स PV का शेयर 1.92% बढ़कर 349.60 रुपए पर बंद हुआ था। फिलहाल, अभी यह शेयर 17.25 रुपए यानी 4.93 फीसदी की गिरावट के साथ 332 रुपए के आसपास नजर आ रहा है। 2026 में अब तक इस शेयर में लगभग 9% की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी 50 में 6.7% की गिरावट देखी गई है।
टाटा मोटर्स नतीजे (CONSO) Q1FY27
इस अवधि में कंपनी की आय सालाना आधार पर 9% बढ़कर 95799 करोड़ रुपए पर रही है। वहीं, सालाना आधार पर मार्जिन 8.8% से कम होकर 6.5% पर रहा है। JLR के नतीजों की बात करें तो इसकी आय सालाना आधार पर 10% गिरकर 5,97.3 करोड़ पाउंड रही है। वहीं, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 9.3% से कम होकर 8.1% पर रही है।
टाटा मोटर्स की मैनेजमेंट कमेंट्री में कहा गया है कि Q1 के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद FY27 का गाइडेंस बरकरार है। सालाना 10% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य है। FY27 के लिए हाई डबल-डिजिट ग्रोथ का टारगेट है। इंडिया PV सेगमेंट के Q2 मार्जिन स्थिर रहने का अनुमान।
CLSA ने टाटा मोटर्स PV पर आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 452 रुपये प्रति शेयर तय किया है। कंपनी ने कहा कि JLR का EBIT मार्जिन उसके अनुमान से 90 बेसिस पॉइंट्स ज़्यादा रहा। हालांकि घरेलू PV EBITDA उम्मीद से कम रहा। ब्रोकरेज ने JLR के FY27 के लिए 4 प्रतिशत मार्जिन और ब्रेक-ईवन फ्री कैश फ्लो के लक्ष्य को हासिल करने को लेकर मैनेजमेंट के भरोसे पर फोकस किया है।
दूसरे ब्रोकरेज फर्मों का रुख ज्यादा सतर्क है। नोमुरा ने 389 रुपये के टारगेट के साथ इस स्टॉक पर अपनी न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखी है। उनका कहना है कि भारत में पैसेंजर गाड़ियों की मांग तो मजबूत बनी हुई है,लेकिन इनके कारोबार पर लागत का भारी दबाव है। JLR पर ब्रोकरेज का कहना कि इसके ने लॉन्च काफी होंगे। कंपनी के लिए चीन में चुनौतियां बनी हुई हैं,जबकि अमेरिका में संभावनाएं दिख रही हैं।
HSBC ने इस स्टॉक पर होल्ड रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस घटाकर 360 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि पहली तिमाही में कमोडिटी में तेजी की वजह से मार्जिन पर दबाव ने घरेलू बाजार की मजबूत मांग के असर को खत्म कर दिया और दूसरी तिमाही में भी यह दबाव बने रहने की संभावना है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि JLR की रिकवरी नए मॉडल्स पर निर्भर करती है क्योंकि उसके मौजूदा मॉडल्स पुराने हो चुके हैं। साथ ही,कमोडिटी और ऑपरेटिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए अनुमानों में भी कटौती की गई है।
इस स्टॉक को लेकर सिटी का नजरिया काफी निराशावादी है। उसने 305 रुपये के टारगेट के साथ सेल की रेटिंग बनाए रखी है। इसकी मतलब है कि गुरुवार की क्लोजिंग कीमत से इस इस शेयर में लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। सिटी का कहना है कि लागत से जुड़ी भारी चुनौतियों के बीच JLR और भारत के PV बिज़नेस,दोनों में ही पहली तिमाही (Q1) उम्मीद से कहीं ज्यादा कमजोर रही। इस ब्रोकरेज फर्म ने दोनों बिजनेस में मार्जिन के ट्रेंड पर निराशा जताई है।
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