मेटल कंपनियों के शेयरों में 16 जुलाई को बड़ी गिरावट दिखी। इसकी वजह अमेरिका में इनफ्लेशन बढ़ने से डॉलर में आई मजबूती है। मेटल कंपनियों में गिरावट से निफ्टी मेटल इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे की कमजोरी के साथ खुला। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में कमोडिटीज खरीदना महंगा हो जाता है।
डॉलर में मजबूती ने बढ़ाया मेटल शेयरों पर दबाव
अमेरिका में जून में इनफ्लेशन बढ़ने से डॉलर में मजबूती आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से इनफ्लेशन बढ़ रहा है। इससे अमेरिका में इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद कम हो गई है। जून में अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन 0.3 फीसदी बढ़कर 3.5 फीसदी पहुंच गया है। मई में इनफ्लेशन 0.1 फीसदी बढ़ा था। मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि अमेरिका में इनफ्लेशन पर ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का असर पड़ना शुरू हो गया है।
टैरिफ का असर अमेरिका में इनफ्लेशन पर पड़ने लगा
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि मार्केट इनफ्लेशन पर टैरिफ के असर को समझ रहा है। इसलिए मार्केट खुद को लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट में स्थिरता के लिए तैयार कर रहा है। एएनजेड बैंक ने भी कहा है कि टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। अमेरिका टैरिफ को लेकर कई भारत सहित कई देशों के साथ बातचीत कर रहा है। भारत ने भी अमेरिका के साथ जल्द टैरिफ को लेकर डील होने की उम्मीद जताई है।
इन स्टील शेयरों में 16 जुलाई को गिरावट
मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट Jindal Stainless (JSL) के शेयरों में दिखा। कारोबार के दौरान यह एक समय 2 फीसदी तक गिर गया था। बाद में यह कुछ हद तक संभलने में कामयाब रहा। 2:48 बजे यह स्टॉक 0.84 फीसदी गिरकर 935 रुपये पर चल रहा था। SAIL का शेयर 1 फीसदी की कमजोरी के साथ 133 रुपये पर चल रहा था। Tata Steel का शेयर 0.93 फीसदी गिरकर 157.51 रुपये पर था। हालांकि, NMDC के शेयरों में 1 फीसदी की तेजी दिखी। बीते एक साल में निफ्टी इंडेक्स में 3.74 फीसदी गिरावट आई है।